भीम प्रज्ञा न्यूज़.झुंझुनूं। नगर खंड अजमेर सांनिवि के अधिशाषी अभियंता के साथ अधिवक्ताओं द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार एवं मारपीट की घटना के विरोध में सार्वजनिक निर्माण विभाग झुंझुनूं के अभियंताओं एवं संवेदकों ने कड़ा आक्रोश जताया है। इस संबंध में राजस्थान सरकार के माननीय मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में बताया गया कि 19 दिसंबर 2025 को अजमेर में घटित घटना में अधिवक्ताओं द्वारा सांनिवि के अधिशासी अभियंता श्री विपिन जिंदल के साथ अभद्र व्यवहार एवं मारपीट की गई, जो अत्यंत निंदनीय है। इस घटना के विरोध में 22 दिसंबर 2025 को सार्वजनिक निर्माण विभाग परिसर, झुंझुनूं में विभाग के समस्त अभियंताओं व संवेदकों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें घटना की तीव्र भर्त्सना की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक दोषी अधिवक्ताओं के विरुद्ध उचित एवं कठोर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक सांनिवि से जुड़े निर्माण कार्यों एवं कार्यालयीन कार्यों का सामूहिक रूप से पूर्ण बहिष्कार जारी रहेगा। साथ ही ज्ञापन में यह मांग की गई कि दोषी अधिवक्ताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनकी वकालत की मान्यता भी रद्द की जाए। अभियंताओं एवं संवेदकों ने मुख्यमंत्री से शीघ्र हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की, ताकि विभागीय कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें और अभियंताओं का मनोबल बना रहे। इस दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग के एसई सतीश गुप्ता, एक्सईएन राकेश कुमार, हरीश यादव, केशर जाटव व प्रणव शिल्ला, एईएन अभिषेक बिजारणियां, रविता पूनिया व कविता सैनी, संदीप महला, पीएचईडी से एक्सईएन सुमित चौधरी, डब्ल्यूआरडी से एईएन अरविंद लांबोरिया, संवेदक मोहर सिंह सोलाना, मोहन, गोवर्धन सिगड़ा शैलेन्द्र मान, जेपी खटाना, मनीष पोद्दार समेत विभागाीय अभियंता व कर्मचारी, संवेदक मौजूद रहें।
