व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर आयोजक टीम को दिया साधुवाद
भीम प्रज्ञा न्यूज़.झुंझुनूं। राज्य सरकार के निर्देशानुसार झुंझुनूं में आयोजित दस दिवसीय अंतरंग क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर के गुणवत्ता परीक्षण हेतु नियुक्त राज्य स्तरीय अधिकारी एवं आयुर्वेद विभाग अजमेर के अतिरिक्त निदेशक डॉ. रमेश मीणा ने रविवार रात्रि करीब 8.30 बजे कैम्प स्थल एनआरडीडी अस्पताल, झुंझुनूं का औचक निरीक्षण किया। लगभग तीन घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर की समस्त व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान डॉ. मीणा ने अस्पताल में भर्ती 124 रोगियों से मुलाकात कर ऑपरेशन प्रक्रिया, लैब जांच, औषधि वितरण, भोजन व आवास व्यवस्था, साफ-सफाई तथा चिकित्सकीय व नर्सिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली को लेकर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्वयं रोगियों के लिए निर्धारित पथ्य आहार का परीक्षण कर उसकी गुणवत्ता परखी। रोगियों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं पर डॉ. मीणा ने आयुर्वेद विभाग की पूरी टीम एवं एनआरडीडी अस्पताल के निदेशक डॉ. संदीप ढूकिया द्वारा प्रदत्त सहयोग की सराहना करते हुए इसे पूरे राजस्थान के लिए एक आदर्श मॉडल बताया।
*बायोवेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम का बारीकी से निरीक्षण*
अतिरिक्त निदेशक डॉ. मीणा ने ओटी एवं लैब का निरीक्षण करते हुए बायोवेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम की सख्ती से जांच की। उन्होंने एनआरडीडी अस्पताल द्वारा बायोवेस्ट मैनेजमेंट कंपनी के साथ किए गए एमओयू एवं प्रतिदिन बायोवेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।
*प्रभारी अधिकारियों के साथ बैठक, दिए आवश्यक निर्देश*
देर रात्रि उन्होंने सभी वार्ड प्रभारी, ओटी प्रभारी, लैब, औषधि वितरण, भोजन एवं आवास तथा साफ-सफाई प्रभारियों के साथ बैठक कर संबंधित रिकार्ड की जांच की। मानक मापदंडों की समुचित पालना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग को निर्देश दिए कि इस शिविर की संयुक्त रिपोर्ट को ‘सक्सेस स्टोरी’ के रूप में तैयार किया जाए, जिससे भारत सरकार से आगामी वर्षों में झुन्झुनू के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त की जा सके। निरीक्षण के दौरान डॉ. जितेन्द्र स्वामी (उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग), शिविर प्रभारी डॉ. महेश माटोलिया, मुख्य सर्जन डॉ. सुनील कानोड़िया तथा एनआरडीडी अस्पताल निदेशक डॉ. संदीप ढूकिया उपस्थित रहे।
*आठवें दिन तक 103 सफल ऑपरेशन*
शिविर प्रभारी डॉ. महेश माटोलिया एवं सर्जन डॉ. सुनील कानोड़िया ने बताया कि 15 दिसंबर से प्रारंभ इस दस दिवसीय शिविर में भर्ती 126 रोगियों में से अब तक 103 रोगियों के पाइल्स, फिस्टुला, फिशर व सायनस जैसी बीमारियों के सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। सभी रोगी चिकित्सकीय निगरानी में स्वयं को स्वस्थ एवं प्रसन्न महसूस कर रहे हैं। शेष 23 रोगियों को सामान्य चिकित्सा प्रदान कर स्वास्थ्य कारणों से उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया है।
*हजारों रोगी हो चुके लाभान्वित*
उपनिदेशक डॉ. जितेन्द्र स्वामी ने जानकारी दी कि अब तक कुल 2549 रोगियों को आयुर्वेद की विशिष्ट चिकित्सा पद्धतियों—क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा, पंचकर्म थेरेपी, अग्निकर्म एवं विद्वकर्म—से लाभान्वित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त रोग प्रतिरोधक क्वाथ, योग कक्षाओं एवं स्वस्थ जीवनशैली परिचर्या के माध्यम से 4020 महिला व पुरुषों को लाभ मिला है।उन्होंने बताया कि शिविर के अंतिम दो दिवस 23 व 24 दिसंबर को 0 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए निःशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार का आयोजन निरामया आयुर्वेद के आर्थिक सहयोग से किया जाएगा।
