सोहनलाल परिहार
भीम प्रज्ञा न्यूज़.बीकानेर।
पर्यावरण संघर्ष समिति के तत्वावधान में चल रहा धरना बुधवार को 153वें दिन भी लगातार जारी रहा। वहीं खेजड़ला रोही नोखा दईया में चल रहे धरने को आज 518वां दिन पूर्ण हो गया। धरनास्थल पर पर्यावरण संरक्षण और राज्य वृक्ष खेजड़ी को बचाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई।धरने को संबोधित करते हुए इंजीनियर मुरारी लाल शर्मा ने कहा कि सरकार को खेजड़ी कटाई पर तत्काल रोक लगानी चाहिए तथा राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण के लिए सख्त ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेजड़ी रेगिस्तान की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से ही पर्यावरण संतुलन एवं मौसम चक्र को बिगड़ने से रोका जा सकता है। इस अवसर पर राजस्थान के सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर्स ने अरुण कुमार वैध के नेतृत्व में धरने पर पहुंचकर समर्थन व्यक्त किया। सेवानिवृत्त अभियंताओं ने कहा कि विश्व बैंक से कर्ज लेकर रेगिस्तान में बड़ी कठिनाइयों के बाद नहर लाई गई थी। इस दौरान सैकड़ों इंजीनियर्स और श्रमिकों ने भीषण गर्मी और प्यास के कारण अपने प्राण गंवाए थे। तब जाकर मरुस्थल को सिंचाई सुविधा मिली, लेकिन आज उन्हीं सिंचित जमीनों पर सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिससे प्रतीत होता है कि हमारे साथियों का बलिदान व्यर्थ चला गया। उन्होंने इसे वर्तमान सरकार का अदूरदर्शी कदम बताया।धरने में शामिल अभियंता साथियों में लालचंद लुहनीवाल, हरीश लेघा, ओमप्रकाश बिशनोई, सैयद कासम अली, रेखाराम जाट, ए.पी. शर्मा, सी.एल. चौहान, अमर सिंह, नरेंद्र कुमार, शांति गोपाल, चंद्रशेखर, हापूदास वैष्णव, अशोक मतड़, मनीराम बेनीवाल, आनंद चोबदार, गोविंद लाल गौड़, करण सिंह गोदारा, राजेंद्र पचोरी, हरजिंदर सिंह, लक्ष्मीकांत पांडिया, शशि शेखर, सत्यनारायण धवल, ओमवीर सिंह, फकीर चंद, तुलसीराम शर्मा, संतोष गुप्ता, रामेश्वर जाट सहित अनेक सेवानिवृत्त अभियंता उपस्थित रहें। बुधवार धरने पर बैठे साथियों में रामगोपाल बिशनोई, पर्यावरणविद सज्जन कुमार बेनीवाल, महीराम दिलोईया, मोहनलाल रेण, कुम्भाराम मेघवाल, ताहिर खान, रामप्रताप वर्मा, गंगाबिशन सियाग, कॉमरेड मूलचंद खत्री, रामदेव मेघवाल, मोखराम धायल, बुधराम सीगड़, बुधराम सियाग, पूनमराम रिख, महेन्द्र भादू, हनुमान काकड़, सत्यनारायण कुलड़िया, हनुमानाराम बेनीवाल, हेतराम बिशनोई, मालचंद जोशी, रविदास बौद्ध, सरदार दरबारा सिंह, पट्टू प्रेमरतन जोशी, प्रेम महरिया, सरजू गहलोत, डॉ. रामेश्वरलाल बिशनोई, सांवरलाल भादू, रिछपाल सीगड़, गोपीचंद धायल व बस्तीराम बिशनोई सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे। धरनास्थल पर वक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक खेजड़ी कटाई पर रोक और प्रभावी कानून नहीं बनेगा, आंदोलन जारी रहेगा।

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