-वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बलजिंदर सिंह ठरवी
रजत विजय रंगा
भीम प्रज्ञा न्यूज़.टोहाना। मनरेगा महात्मा गांधी के ग्राम-स्वराज के सपने का जीवंत रूप है करोड़ों ग्रामीणों की ज़िंदगी का सहारा है जो कोरोना काल में उनका आर्थिक सुरक्षा कवच भी साबित हुआ मगर प्रधानमंत्री मोदी जी को यह योजना हमेशा खटकती रही, और पिछले दस सालों से इसे कमजोर करने की कोशिश करते रहे हैं। आज वो मनरेगा का नामो-निशान मिटाने पर आमादा है मनरेगा की बुनियाद तीन मूल विचारों पर थी रोज़गार का अधिकार जो भी काम मांगेगा, उसे काम मिलेगा दूसरा गांव को प्रगति कार्य खुद तय करने की स्वतंत्रता ओर तीसरा केंद्र सरकार मज़दूरी का पूरा खर्च और समान की लागत का 75% देगी अब प्रधानमंत्री मोदी इसी मनरेगा को बदलकर सारी ताकत सिर्फ़ अपने हाथों में केंद्रित करना चाहते हैं जिसमें बजट, योजनाएं और नियम केंद्र तय करेगा राज्यों को 40% खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जाएगा ओर बजट खत्म होते ही किसी को काम नहीं मिलेगा यह नया बिल महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान है मोदी सरकार ने पहले ही भयंकर बेरोज़गारी से भारत के युवाओं का भविष्य तबाह कर दिया है और अब ये बिल ग्रामीण गरीबों की सुरक्षित रोज़ी-रोटी को भी खत्म करने का नया ज़रिया है। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी बिल का गांव की गलियों से संसद तक विरोध करेगी और मोदी सरकार की मजदूर विरोधी सोच को जन जन तक पहुंचाने का काम करेगी।
