*मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन, तत्काल पकड़कर अन्यत्र छुड़वाने की रखी मांग।*
मनोज खंडेलवाल
भीम प्रज्ञा न्यूज़.मंडावर। नगर पालिका क्षेत्र मंडावर और आसपास के क्षेत्र में बंदरों का आतंक शुक्रवार को उस समय जनविस्फोट की तरह सामने आया जब कांग्रेस शहर अध्यक्ष एडवोकेट विक्रम गुर्जर के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण महिलाएँ उपखंड कार्यालय मंडावर पहुँचीं और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उपखंड अधिकारी को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार वैभव सेठी को सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग रखी। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि बंदरों की भारी संख्या अब सीधे आमजन की जिंदगी और सुरक्षा के लिए संकट बन चुकी है, लेकिन नगरपालिका की ओर से इस गंभीर समस्या पर अब तक कोई पहल नहीं होने की वजह से लोग लगातार दहशत में जी रहे हैं।
ग्रामीण महिलाओं ने ज्ञापन में बताया कि मंडावर में बंदरों की स्थिति अब केवल शरारत तक सीमित नहीं रही बल्कि आतंक का स्वरूप ले चुकी है। कभी रसोई से सामान उठा ले जाना, कभी छतों पर मंडराकर कपड़े फाड़ देना, तो कभी बच्चों और बुजुर्गों पर अचानक हमला कर देना—यह सब यहाँ की रोजमर्रा की त्रासदी बन चुका है। कई लोग इन हमलों में गंभीर रूप से घायल भी हो चुके हैं और कुछ मामलों में जान जाने तक की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, इसके बावजूद नगरपालिका द्वारा कोई ठोस कदम न उठाया जाना क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी का कारण बना हुआ है।
महिलाओं का कहना था कि कई बार नगरपालिका से लेकर जनप्रतिनिधियों तक इस समस्या को रखा गया, समाजसेवी संगठन भी आवाज उठाते रहे, लेकिन बंदरों की संख्या और आक्रामकता दोनों लगातार बढ़ती रही। बंदरों का झुंड दिन-दहाड़े घरों में घुस जाता है और विरोध करने पर हमलावर हो जाता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए रोजमर्रा का जीवन जोखिम बन चुका है।
महिलाओं ने मुख्यमंत्री से ज्ञापन के जरिये मांग की है कि मंडावर नगरपालिका क्षेत्र एवं आसपास के गांवों में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल विशेष टीम भेजकर बंदरों को पकड़ा जाए और उन्हें सुरक्षित रूप से अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए। साथ ही नगरपालिका मंडावर के अधिशासी अधिकारी को इसके लिए स्पष्ट और तुरंत प्रभाव से कार्रवाई के आदेश दिए जाएँ, ताकि आमजन भयमुक्त होकर सामान्य जीवन जी सकें। ग्रामीण महिलाओं ने चेतावनी भी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो यह बढ़ता उत्पात किसी दिन बड़े हादसे का रूप ले सकता है।
