Oplus_0
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा ‘घुसपैठियों’ की हिमायत?
क्या इनके लिए ‘रेड कार्पेट’ बिछाएँ हैं लायक।
ये मानवाधिकार कार्यकर्ता को ‘कड़ी’ फटकार,
देशवासी गरीबी से जूझ रहें ये छिने अधिकार।
हिरासत से रोहिंग्या के ‘लापता’ होने की चिंता?
देश के गरीबों का सुविधाओं पर हक हैं बनता।
पहले से ही भारत में जनसंख्या की हैं सघनता,
सरकारी सुविधा, राशन पे हक हमारा हैं बनता।
घुसपैठिये अवैध रूप से क्यों? करते सीमा पार!
उनका देश दे नहीं पाता जीने के लिए रोज़गार।
वह प्रवेश कर बन जाता हैं ‘आश्रय’ का हकदार,
फिर बनते भोजन, शिक्षा व कानून के तलबगार।
(संदर्भ-घुसपैठियों की हिमायत पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार)
संजय एम तराणेकर
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर-452011 (मध्य प्रदेश)
मो. 98260 25986
(स्व-रचित, मौलिक व अप्रकाशित)
संजय एम. तराणेकर,
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर-452011 (मध्यप्रदेश)
स्वरदूत : 98260-25986
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर-452011 (मध्यप्रदेश)
स्वरदूत : 98260-25986
