मन की शांति और आत्मिक शक्ति का साधन मेडिटेशन
सुमेर मीणा
भीम प्रज्ञा न्यूज़.उदयपुरवाटीl
कस्बे के घूमचक्कर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में विश्व ध्यान दिवस के उपलक्ष में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिसमें स्थानीय प्रभारी ब्रह्माकुमारी सुनीता दीदी ने विस्तार से ध्यान की विधि एवं लाभ पर प्रकाश डालते हुए मेडिटेशन अनुभूति करवाई। उन्होंने कहा आज के तनावपूर्ण जीवन में मन की शांति और सकारात्मक सोच के लिए मेडिटेशन अति आवश्यक है। मेडिटेशन हमारे मन की सफ़ाई का साधन है। मेडिटेशन मन और मस्तिष्क को स्वच्छ, शांत और स्थिर बनाता है तथा जीवन में सकारात्मक शक्ति का संचार करता है।
मेडिटेशन के नियमित अभ्यास से मन की गंदगी अर्थात नकारात्मक विचार और नकारात्मक आदतें धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं। इससे व्यक्ति का मन शक्तिशाली बनता है और परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है। मेडिटेशन से प्राप्त होने वाला पवित्रता रूपी प्रकाश जीवन में आने वाले भय और अशांति को दूर करता है।
मेडिटेशन हमें नकारात्मक सोच, आलस्य और कमजोरी से दूर रहना सिखाता है। इसके अभ्यास से जीवन में स्वतः ही सकारात्मकता, धैर्य और संतुलन आने लगता है। सच्चा मेडिटेशन मन और बुद्धि के बीच सेतु का कार्य करता है, जिससे व्यक्ति अपने विचारों पर सही नियंत्रण और उनका सही दिशा में उपयोग करना सीखता हैं । जिस प्रकार शरीर के लिए भोजन आवश्यक होता है, उसी प्रकार आत्मा के लिए मेडिटेशन अत्यंत आवश्यक है। ब्रह्माकुमारी संस्था समाज में आत्मिक जागरूकता, शांति और सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रसार के लिए राजयोग मेडिटेशन निशुल्क रूप से सिखाती है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर छिपी शक्ति और शांति का अनुभव कर सके।
सर्वोदय कार्यकर्ता बद्री प्रसाद तंवर, एडवोकेट मोतीलाल सैनी, सुनील तंवर, प्रोफेसर धनेंद्र सिंह, नागेश भास्कर ने भी ध्यान पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर सुरेश अग्रवाल, योगेश शर्मा, शीशराम सैनी, छोटेलाल सैनी, तोलाराम शर्मा, नीतू सिंह, हर्षिता कुमारी, केसर स्वामी, इंद्रा असवाल, सरोज असवाल, नीलम शर्मा, सविता सैनी सहित शहर के अनेक गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
