*15 जनवरी तक संयुक्त अभियान, उपखंडवार टीमें होंगी सक्रिय।*
*तीन दिन में शास्ति नहीं भरी तो एफआईआर व राजसात की कार्यवाही तय।*
मनोज खंडेलवाल
भीम प्रज्ञा न्यूज़.दौसा। जिला स्तरीय एसआईटी एवं टास्क फोर्स की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में जिला कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने अवैध खनन, निर्गमन और भंडारण पर पूर्ण विराम लगाने के लिए विभागों को तेज, पारदर्शी और कानूनी रूप से प्रभावी कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अरावली जिलों में 15 जनवरी तक चलने वाले विशेष संयुक्त अभियान की प्रतिदिन समीक्षा कर रिपोर्ट खान विभाग को भेजी जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि अवैध खनन रोकना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अभियान के दौरान खान, वन एवं पर्यावरण, राजस्व, पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें समन्वय बनाकर प्रतिदिन संयुक्त कार्रवाई करें। प्रत्येक कार्रवाई की वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से करवाई जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार के विवाद या तकनीकी शंकाओं में साक्ष्य के तौर पर उपयोग किया जा सके। अवैध खनन के मामलों में कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिन प्रकरणों में कम्पाउंड राशि या निर्धारित शास्ति राशि तीन दिन के भीतर जमा नहीं होती, उन मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। इसके अलावा, प्रकरण दर्ज होने के 90 दिन बाद भी यदि कम्पाउंडिंग नहीं करवाई गई तो अवैध खनन में प्रयुक्त वाहन, मशीनरी व औजार राजसात करने की कार्रवाई अवश्य की जाए। कलेक्टर ने कहा कि जहां खातेदारी भूमि में अवैध खनन पाया जाए, वहां संबंधित राजस्व अधिकारियों द्वारा खातेदारी निरस्त करने के प्रकरण प्रस्तुत किए जाएं। पूर्व में प्रस्तुत प्रकरणों की भी समीक्षा इस अभियान के दौरान की जाएगी। लंबित एफआईआर व जब्त खनिजों की नीलामी तेज होगी। बैठक में बताया गया कि अभियान अवधि में पहले से दर्ज सभी लंबित एफआईआर की भी समीक्षा की जाएगी। साथ ही जब्त खनिजों की नीलामी प्रक्रिया को सहायक खनिज अभियंता व खनिज अभियंता मिलकर त्वरित गति से पूरा करेंगे, ताकि अवैध खनन पर आर्थिक रूप से भी प्रभावी रोक लग सके। जिला कलेक्टर ने बताया कि जिले में अवैध खनन रोकने के लिए सभी उपखंडों में संयुक्त निरीक्षण दल गठित किए गए हैं। इन दलों में उपखंड अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, सहायक खनिज अभियंता, क्षेत्रीय वन अधिकारी, परिवहन निरीक्षक तथा खनिज कार्यदेशक शामिल हैं। ये दल संवेदनशील स्थलों पर सतत निगरानी रखेंगे। सहायक खनिज अभियंता एम.एल. मीना ने बताया कि जिले में अवैध खनन के लिहाज से तीतरवाड़ा, भांवता, कालोता, संवासा, बैरावंडा, गैरोटा, करनावर और मूही को संवेदनशील ग्रामों के रूप में चिह्नित किया गया है। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी और संयुक्त टीमों की सघन कार्रवाई जारी रहेगी। दौसा जिले में अवैध खनन के खिलाफ यह अब तक की सबसे संगठित और सख्त कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें प्रशासनिक सख्ती और कानूनी धार दोनों का समान रूप से उपयोग होगा।

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