सद्धम्माचार्य भदंत एस धम्मसेवक थेरो को ‘महाराष्ट्र समाजरत्न पुरस्कार–2025’
भीम प्रज्ञा न्यूज़@अभिषेक शेंडे, नागपुर।
बुद्ध–सम्राट अशोक -कबीर–शिव–फुले–शाहू–आंबेडकर की मानवतावादी विचारधारा को जीवन का लक्ष्य बनाकर समाजसेवा में सतत सक्रिय प्रखर प्रबोधनकार सद्धम्माचार्य भदंत एस धम्मसेवक थेरो को विशेष राज्यस्तरीय ‘महाराष्ट्र समाजरत्न पुरस्कार–2025’ से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। शिवप्रतिष्ठान, पुणे द्वारा पहली बार किसी बौद्ध धर्मगुरु को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिए जाने को सामाजिक और वैचारिक क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
भदंत थेरो बुद्ध के धम्मपद, संत तुकाराम की मानवतावादी परंपरा और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की धम्मक्रांति से प्रेरित होकर समता, स्वतंत्रता, बंधुता और शांति के मूल्यों के प्रसार में वर्षों से जुटे हुए हैं। महाराष्ट्र सहित गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और बिहार में उनके प्रवचन, प्रबोधन कार्यक्रम, शांति पदयात्राएं, मूक मोर्चे तथा सामाजिक-शैक्षणिक आंदोलनों ने समाज को नई दिशा दी है।
यह सम्मान डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस, राष्ट्रसंत गाडगे महाराज स्मृति दिवस के पावन अवसर पर अहिल्याबाई होलकर सभागृह, पुणे में 21 दिसंबर 2025 प्रातः 11 बजे भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा।
नागपुर जिले के खापरखेडा–वलनी–सावनेर क्षेत्र स्थित धम्मक्रांति बुद्ध विहार, वलनी में निवासरत भदंत थेरो आज केवल अपने क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। उनके मार्गदर्शन में आनापान सति ध्यान साधना, स्कूल ऑफ बुद्धिज़्म, बाल एवं महिला धम्म संस्कार शिविर, श्रामणेर एवं भिक्खु प्रशिक्षण केंद्र, पाली भाषा प्रशिक्षण, रविवार धम्म शाला और वार्षिक धम्मोत्सव जैसे अनेक सार्थक उपक्रम संचालित हो रहे हैं।
विशेष रूप से उल्लेखनीय ‘बुद्ध विहार जोड़ो अभियान’ के माध्यम से मराठवाड़ा और विदर्भ सहित विभिन्न क्षेत्रों के बुद्ध विहारों को एक-दूसरे से जोड़कर उन्हें सामाजिक चेतना और मानव निर्माण के केंद्र के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। वर्ष की बारह पूर्णिमाओं के आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक पूर्णिमा पर अलग-अलग बुद्ध विहारों में धम्मोत्सव आयोजित करने की पहल से समाज में नवचेतना का संचार हुआ है।
“धम्म-संस्कार ही सच्चे जीवन की गुरुकिल्ली है”—इस विश्वास के साथ भदंत थेरो द्वारा किया जा रहा कार्य केवल धार्मिक सीमाओं तक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की शांत, सुसंस्कृत और राष्ट्रीय प्रेम दूरदर्शी यात्रा के रूप में देखा जा रहा है।
सद्धम्माचार्य भदंत एस धम्मसेवक थेरो बौद्ध धर्म गुरु इनको दिया गया महाराष्ट्र राज्य समाजरत्न पुरस्कार–2025 न केवल एक व्यक्ति या किसी एक क्षेत्र का सम्मान है, बल्कि यह बौद्ध धम्म, प्रबोधन और मानवमुक्ति की विचारधारा के प्रति समाज की गहरी आस्था और सम्मान का प्रतीक बन गया है।
सभी क्षेत्रों में स्तरो से उनका अभिनंदन किया जा रहा है।
