आईपीएस प्रांजली खांडेरकर और आईआरएमएस संजय यादव ने छात्रों को दी करियर प्रेरणा
सफलता की दिशा में ग्रामीण प्रतिभाओं के आत्मविश्वास को मिला नया संबल
भीम प्रज्ञा न्यूज़ पचेरी।
नोबल स्कूल देवलावास में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए यूपीएससी संयुक्त परीक्षा की तैयारी हेतु प्रेरणादायी सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आईपीएस प्रांजली खांडेरकर और आईआरएमएस संजय यादव रहे। संजय यादव नोबल स्कूल के पूर्व छात्र भी रहे हैं, जिसका उल्लेख होते ही सभागार में बैठे विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह और गर्व की चमक दिखाई दी।
आईपीएस प्रांजली खांडेरकर ने विद्यार्थियों को यूपीएससी की तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं—मूलभूत समझ, अखबार पढ़ने की आदत, समय अनुशासन, सकारात्मक दृष्टिकोण और लक्ष्य के प्रति निष्ठा—पर विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि किसी भी सपने को सीमित नहीं करती, बल्कि ईमानदारी और सादगी से किया गया अध्ययन सफलता को संभव बनाता है।
आईआरएमएस संजय यादव ने अपनी प्रेरणादायी यात्रा साझा करते हुए कहा कि “नोबल स्कूल ने मेरे अंदर बड़ी सोच पैदा की, और आज मैं चाहता हूँ कि इसी स्कूल के विद्यार्थी मुझसे भी आगे बढ़ें।” उन्होंने यूपीएससी के सभी चरणों की तैयारी को सरल तरीके से समझाया और बताया कि निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और सही दिशा—यही इस परीक्षा की कुंजी है। उनका वक्तव्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणामयी ऊर्जा का स्रोत बना।
सेमिनार के दौरान नोबल एजुकेशन ग्रुप के निदेशक इंजीनियर संदीप नेहरा ने शिक्षा में नवाचार और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र के हर बच्चे को सही कैरियर की दिशा में पहुंचाना है, ताकि प्रतिभा सिर्फ पहचानी नहीं जाए, बल्कि बड़े अवसरों में बदल सके।”
इस प्रेरक आयोजन में डिप्टी डायरेक्टर अशोक शर्मा, एकेडमिक डायरेक्टर सुमन नेहरा, प्रिंसिपल कृष्ण कुमार यादव, सहित समेत संपूर्ण विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने उत्साहपूर्वक जिज्ञासाएं रखीं और यूपीएससी, समय प्रबंधन, विषय चयन, आत्म-अनुशासन आदि से जुड़े सवाल पूछे। प्रत्येक प्रश्न का जवाब अत्यंत सरल, व्यावहारिक और प्रेरणादायक ढंग से दिया गया।
सेमिनार ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा, नए सपने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा पैदा की।
नोबल स्कूल प्रबंधन ने वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन मिलता रहे और वे देश सेवा की दिशा में आगे बढ़ सकें।
