19 दिसंबर अमावस्या को बिश्नोई समाज जुटेगा मुकाम में
राज्य वृक्ष खेजड़ी काटने वाली सरकार को घुटनों पर लाने का संकल्प लिया
सोहनलाल परिहार
भीम प्रज्ञा न्यूज़.बीकानेर। स्थानीय बिश्नोई धर्मशाला के सभा कक्ष में पर्यावरण संघर्ष समिति बीकानेर के तत्वावधान में एक आम सभा रखी गई । मुकाम पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी रामानंद जी महाराज ने कहा कि आंदोलन को तेज करना होगा। राज्य सरकार ने खेजड़ी कटाई रोकने का कानून बनाने का तीन बार आश्वासन देकर डेढ़ साल बाद विश्वास घात किया है। इसलिए बिश्नोई समाज नए तरीके से रणनीति बनाकर आंदोलन तेज करेगा व्यापक रणनीति बनाने के लिए आगामी 19 दिसंबर अमावस्या को सुबह 11 बजे मुक्तिधाम मुकाम में एक विशाल आमसभा की जाएगी जिसमें रणनीति तय करके पूरे बिश्नोई समाज का आह्वान किया जाएगा और खेजड़ी की कटाई पर प्रतिबंध लगाने का कानून बनने तक उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी । जैसला के महंत स्वामी भागीरथ दास शास्त्री ने उपस्थित लोगों को आंदोलन में सक्रिय भाग लेने का संकल्प दिलाया और अधिक से अधिक लोगों को बुलाने का आह्वान किया। संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने डेढ़ साल के संघर्ष की जानकारी दी। संपूर्ण राजस्थान में हो रही राज्य वृक्ष खेजड़ी की कटाई का विवरण प्रस्तुत करते हुए लाखों की संख्या में खेजड़ियां काटने की संभावना जताई जिसको रोकने के लिए बिश्नोई समाज को एक जुट होकर उग्र आंदोलन करने और सरकार को झुकाने तक एकजुट रहने की अपील की। नागौर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ आदि जिलों से आए पर्यावरण प्रेमियों ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत किया बैठक में भंवरलाल जाणी,……आदि ने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने खेजड़ी बचाने के सुझाव दिये। सरकार को घुटनों पर लाने के विभिन्न तरीकों पर प्रकाश डाला। सरकार द्वारा तीन दिसंबर को केबिनेट बैठक में निर्णय लेकर पेड़ काटने पर दी जाने वाली सजा खत्म करने को कानून बनाने की बजाय कानून खत्म करने का आरोप लगाया। सभी वक्ताओं में भारी रोष व्याप्त था। गणपतराम सिंगड़, हनुमान बेनीवाल,रामरतन बिश्नोई श्री गुरु जम्भेश्वर जीव रक्षा प्रदेश संस्था अध्यक्ष, भंवर ज्याणी, सुभाष भाम्भू, विजयपाल डेलू, रामरतन डेलू, प्रभु गोदारा, हजारी मंडा, बनवारी सियाग, नारायण सिंह भाटी, रिछपाल फौजी, हड़मान पुनिया, ओपी खीचड़, सहीराम पुनिया, हरिराम खीचड़ आदि उपस्थित थे।
