विजय रंगा (ब्यूरो चीफ)
भीम प्रज्ञा न्यूज़.चंडीगढ़/फतेहाबाद।
प्रदेश में डायरेक्ट एसएमओ भर्ती सहित विभिन्न मांगें पूरी न होने के विरोध में सरकारी डॉक्टर्स ने अपनी दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर कल यानि मंगलवार को भी हड़ताल पर रहेंगे। वहीं डॉक्टरों की हड़ताल का असर सरकारी अस्पतालों में देखने को मिला। सुबह 9 बजे ओपीडी शुरू होने के बावजूद कई डॉक्टर अपने कैबिन में मौजूद नहीं थे, जिससे मरीज लंबी लाइन में खड़े रहें। पंचकूला सिविल अस्पताल में यह हालात दिखाई दिए। हालांकि मुलाना मेडिकल कॉलेज से आए दो डॉक्टरों की मदद से मेडिसिन ओपीडी चलाई गई। सोनीपत अस्पताल और बहादुरगढ़ में भी डॉक्टरों के कैबिन खाली होने से मरीजों को परेशानी हुई। फतेहाबाद में भी चिकित्सकों की हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल पहुंचे मरीजों ने बताया कि वे दवाई या जांच करवाने आए थे, लेकिन अस्पताल में जांच नहीं हो रही, जिससे वे परेशान हैं। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से 10 डॉक्टर बुलाए थे। इनके सहारे ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं किसी तरह चलती रहीं । स्ट्राइक पर गए डॉक्टरों ने ऑपरेशन और पोस्टमॉर्टम करने
से भी मना कर दिया, जिसके चलते पोस्टमॉर्टम करवाने के लिए शवों को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेजने की व्यवस्था करनी पड़ी। वहीं कल यानि मंगलवार को अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन होने है, ऐसे में ऑपरेशन प्रभावित हो सकता है। राज्यभर के डॉक्टर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) की सीधी भर्ती रोकने और केंद्र सरकार की तर्ज पर 4 एश्योर्ड करियर प्रोमोशन देने की मांग पर अड़े हैं। एसोसिएशन के नेताओं का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव के साथ बैठकों में एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने पर सहमति बन चुकी है, लेकिन एसीपी पर मामला अटका हुआ है एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे 10 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। फतेहाबाद के कार्यकारी सीएमओ डॉ. बुधराम ने कहा कि अग्रोहा से आए डॉक्टरों की मदद से इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। पोस्टमॉर्टम के लिए भी डॉक्टर उपलब्ध हैं और आवश्यकता होने पर अग्रोहा से पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है।
