“सरकारी स्कूल से सीधा राष्ट्रीय मंच: अंजली बोलीं—यह सफर जीवन भर याद रहेगा
नेशनल यूथ पार्लियामेंट 2025 में प्रथम स्थान, गांव ने किया भव्य अभिनंदन
नवीन कुमार
भीम प्रज्ञा न्यूज़.बुहाना। झुंझुनूं जिले के बुहाना कस्बे के लिए यह क्षण गर्व और सम्मान से भरा है, जब यहां की होनहार छात्रा अंजली तंवर ने नेशनल यूथ पार्लियामेंट 2025 में प्रथम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। अंजली वर्तमान में बियाणी लॉ कॉलेज जयपुर की छात्रा हैं और उनकी यह उपलब्धि मेहनत, स्पष्ट सोच और आत्मविश्वास का परिणाम है। देश के प्रत्येक राज्य से चयनित युवाओं की सहभागिता वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अंजली तंवर ने “वन नेशन, वन इलेक्शन” विषय पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किया। उनके भाषण में तथ्यों की मजबूती, तार्किक विश्लेषण, लोकतांत्रिक मूल्यों की गहरी समझ और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति ने निर्णायकों और श्रोताओं को विशेष रूप से प्रभावित किया। अंजली तंवर की वैचारिक परिपक्वता और राजनीतिक समझ के पीछे उनका पारिवारिक परिवेश भी अहम भूमिका निभाता है। उनके पिता रोहिताश सिंह तंवर बुहाना नगर पालिका क्षेत्र में सक्रिय राजनीति से जुड़े रहे हैं और पंचायत समिति सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वहीं उनकी माता सुकून कंवर दो बार बुहाना ग्राम पंचायत की सरपंच रह चुकी हैं। इस राजनीतिक, सामाजिक और न्यायिक वातावरण ने अंजली में बचपन से ही सामाजिक मुद्दों को समझने, तर्क करने और समाधान खोजने की क्षमता विकसित की। हालांकि परिवार की ओर से अंजली को डॉक्टर बनने की सलाह दी गई थी, लेकिन सामाजिक न्याय, बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की जीवनी को पढ़ने के बाद संविधान और कानून के प्रति उनकी जिज्ञासा ने उन्हें वकालत के क्षेत्र की ओर आकर्षित किया। अपनी रुचि और सोच को दिशा देने के लिए उन्होंने कानून की पढ़ाई को चुना—और आज वही निर्णय उनकी पहचान बन गया।
*सम्मान पाकर भावुक हुईं अंजली तंवर, बोलीं—*
मैं इस सम्मान और अपनत्व के लिए गांव के सभी बड़ों का तहेदिल से आभार व्यक्त करती हूं। यह सम्मान मुझसे कहीं बड़ा है। आज मुझे जो आदर-सत्कार मिला, वह मेरे जीवन का सबसे गर्व का क्षण है। मैं अपने आंसुओं को रोकना चाह रही हूं, लेकिन रुक नहीं पा रहे। यह उपलब्धि युवा मंत्रालय के खेल कार्यक्रम के तहत आयोजित नेशनल यूथ पार्लियामेंट में मिली, जहां मैंने राजस्थान और झुंझुनूं जिले का प्रतिनिधित्व किया। मुझे कंगना रनौत की प्रतिनिधि के रूप में मंच पर बोलने का अवसर मिला और मैंने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मैं पिछले चार वर्षों से इस मंच को देख रही थी, इसकी तैयारी कर रही थी। चार साल बाद मुझे मौका मिला और आज विश्वास नहीं हो रहा कि मैं प्रथम स्थान हासिल कर आई हूं। कल जब पता चला कि गांव वालों ने मेरे लिए सम्मान समारोह रखा है, तो यह मेरे जीवन का बेस्ट मोमेंट बन गया। दूसरों के लिए ताली बजाने से लेकर खुद के लिए संघर्ष करने तक का जो सफर रहा, वह आज सार्थक लग रहा है। मेरे इस सफर में मेरे माता-पिता, मेरे स्कूल शिक्षक, गांव के बड़े भाई-बहन और मेरे गांव का योगदान सबसे बड़ा है। मैं सरकारी स्कूल में पढ़ी हूं—तीसरी, चौथी कक्षा से लेकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की मेरी यात्रा के हर पड़ाव को मैं जीवन भर याद रखूंगी। 23 दिसंबर को मिला यह प्यार और सम्मान हमेशा मेरे दिल में रहेगा। मेरी माता पूर्व सरपंच रही हैं और पिता राजनीति में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं राजनीति या लोकतांत्रिक मंचों पर इस तरह पहुंचूंगी। बचपन से देखती आई हूं कि पापा राजनीति में इतने व्यस्त रहते थे कि परिवार को समय नहीं दे पाते थे, इसलिए मैं इससे बचना चाहती थी। लेकिन कहते हैं न—खून अपना असर दिखा ही देता है। सांसदों के बीच मंच पर बोलने का अवसर मिला तो महसूस हुआ कि राजनीतिक समझ और वक्तृत्व की विरासत मेरे खून में ही है। जब मैं बोलती हूं, तो वे शब्द सिर्फ मेरे नहीं होते—वे मेरे पापा और मम्मी के संस्कारों की आवाज होते हैं।”
*गांव का गर्व, बेटियों के लिए संदेश*
समाजसेवी मुकेश रांगेय ने कहा कि गांव की लाड़ली बेटी का यह सम्मान पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। अंजली तंवर की सफलता ने यह साबित कर दिया कि सरकारी स्कूल, गांव और छोटे कस्बों से निकलकर भी बेटियां राष्ट्रीय मंच पर परचम लहरा सकती हैं। गांव में हुए इस सम्मान समारोह ने न केवल अंजली तंवर को भावुक कर दिया, बल्कि हर ग्रामीण के मन में यह विश्वास जगा दिया कि “बेटी हो तो अंजली जैसी”—जो गांव, समाज और देश का नाम रोशन करें।
इस अवसर पर सम्मान समारोह में पूर्व सरपंच रामअवतार जांगिड़, ग्राम सेवक महेंद्र सिंह, मदनलाल नाड़ियां, वीरेंद्र सिंह, मेहताब सिंह, चंद्रभान सिंह, सत्यवीर सिंह, अनिल कुमार, कृष्ण सिंह, विजय जोशी, महेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, सुरेश कुमार, मुकेश सिंह, कर्मवीर सिंह, हरपाल सिंह, राजेंद्र नाड़ियां सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहें।
