भीम प्रज्ञा न्यूज़.लक्ष्मणगढ़। महात्मा ज्योतिबा फुले शिक्षण संस्थान सीकर में सावित्री बाई फुले महिला महाविद्यालय सीकर एवं आरएचआरडी फाउंडेशन जयपुर जिला–सीकरके संयुक्त तत्वावधान में भारत के संविधान के मुख्य शिल्पकार बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, व मां शारदे की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. सुभाष कुंतल, सहायक आचार्य विधि महाविद्यालय सीकर, डॉ. आरसी मीणा,सहायक कुलसचिव पंडित दीनदयाल उपाध्याय, विश्वविद्यालय और डॉ.मुनेश सहायक आचार्य विधि महाविद्यालय सीकर का संस्थान सचिव डॉ.ओपी सैनी ने दुपट्टा ओढा़कर व प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मान किया ।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सुभाष कुंतल ने संबोधित करते हुए बतलाया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जिन्होंने न केवल इतिहास लिखा बल्कि उसको जिया भी, जिन्होंने न केवल संविधान बनाया बल्कि नया संविधान गढा़, जिन्होंने न केवल अपने लिए रास्ता बनाया बल्कि लाखों लोगों के लिए मिसाल बने।
डॉ. कुंतल बताया कि भीमराव अंबेडकर ने प्रारूप समिति के अंतिम भाषण में कहा था संविधान चाहे कितना भी उत्तम क्यों ना हो अगर उसे लागू करने वाले लोग अच्छे नहीं होंगे तो संविधान सफल नहीं होगा। उन्होंने एकता, अखंडता, सामाजिक, लोकतंत्र, स्वतंत्रता, समानता, समरसता, बंधुत्वता जैसे शब्दों पर जोर देते हुए सामाजिक चेतना को राष्ट्रीय चेतना की ज्योति बतलाया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ.आर.सी.मीणा जिला अध्यक्ष राजस्थान हुमन रिसोर्स डेवलपमेंट फाऊंडेशन जयपुर ने भीमराव अंबेडकर के मूल विचारों से अवगत कराते हुए सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में इनके अतिरिक्त सावित्रीबाई फुले महिला महाविद्यालय के प्राचार्य , सावित्रीबाई फुले महिला शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य व दोनों महाविद्यालय के व्याख्यातागण और सभी छात्राएं उपस्थिति रही।
