सोहनलाल परिहार
भीम प्रज्ञा न्यूज़,कोलायत(बीकानेर)।
संविधान निर्माता, भारतरत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को उनके 68वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर, 6 दिसंबर 2025, शनिवार को कोलायत में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह अवसर डॉ. अंबेडकर सर्किल, कोलायत में आयोजित एक वैचारिक संगोष्ठी का भी साक्षी बना, जिसका शीर्षक था “बहुजन समाज के संवैधानिक अधिकार कितने सुरक्षित, कितने स्वीकार”। इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने बाबा साहेब के ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’ के मूल मंत्र पर दृढ़ता से चलने का संकल्प लिया
इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में सामाजिक संगठनों, युवाओं और गणमान्य नागरिकों ने अम्बेडकर सर्किल पर एकत्र होकर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य समाज में समतामूलक एवं शोषणमुक्त समाज की संरचना में सहयोगी बनना था।
बाबा साहब के विचारों की चमक आज भी कायम
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मान्यवर प्रो. भग्गाराम ढाल (उपप्राचार्य एवं शिक्षाविद) ने डॉ. अंबेडकर के अमूल्य योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब द्वारा तैयार किया गया विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान आज भी भारतीय गणराज्य का सही मार्गदर्शन कर रहा है। उन्होंने भावुकता से कहा, “6 दिसंबर को महान सूर्य अस्त हुआ था, लेकिन उनके विचारों की चमक आज तक फीकी नहीं पड़ी है। बाबा साहब भले ही हमें छोड़कर चले गए हों, लेकिन उनके विचार और समाज को दिए गए अधिकार आज भी जीवंत हैं।”
मुख्य वक्ता: आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर
मुख्य वक्ता मान्यवर प्रो. राजेंद्र मेघवाल (उपप्राचार्य एवं समाज सेवी) ने डॉ. अंबेडकर के मूल मंत्र को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज को बाबा साहेब की विचारधारा का पालन करते हुए ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के मंत्र पर दृढ़ता से चलना चाहिए। मेघवाल ने विशेष रूप से दलित समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सामूहिक पहल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
विशिष्ट वक्ता मान्यवर कैलाश चंदेल (सामाजिक कार्यकर्ता) और मान्यवर ताराचंद मेघवाल (युवा संगठन नेता) ने भी अपने विचार व्यक्त किए और डॉ. अंबेडकर के दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
इनकी रही उपस्थिति
इस श्रद्धांजलि सभा और संगोष्ठी का सफल आयोजन डॉ. अम्बेडकर सर्किल संरक्षण समिति, कोलायत (जिला-बीकानेर) द्वारा किया गया, जिसके आयोजक एड. ओमप्रकाश चौहान, एड. कनिष्क दाल, सैंसकरण कटारिया, पवन दाल और हरिकिशन दाल थे।
इस अवसर पर भग्गाराम ढाल, राजेंद्र मेघवाल चांन्दासर, कैलाश चंदेल, ताराचंद चौहान, ओमप्रकाश भाटिया, पन्नालाल कांटिया, भंवरलाल मेघवाल, व्याख्याता ओमप्रकाश लेखाला, एडवोकेट ओमप्रकाश चौहान व एडवोकेट कनिष्क ढाल, कृषि पर्यवेक्षक संघ जिलाध्यक्ष जगदीश ढाल सहित बड़ी संख्या में युवाओं और गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और बाबा साहब को नमन किया।
समारोह से पूर्व सर्किल की साफ-सफाई का कार्य सर्किल सेवा समिति के सहयोग से ओमप्रकाश चौहान और कैलाश जयपाल द्वारा किया गया।
