भीम प्रज्ञा न्यूज़.सूरजगढ़। कस्बा स्थित अंबेडकर पुस्तकालय में सिंबल ऑफ नॉलेज,नारी मुक्तिदाता और नव भारत निर्माता डॉ.भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हतर वां महापरिनिर्वाण दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शिक्षाविद मोतीलाल डिग्रवाल ने बाबा साहब द्वारा भारत के सर्व समाज हेतु किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी वहीं नेतृत्वकर्ता ओमप्रकाश सेवदा ने बताया कि अंबेडकर एक व्यक्ति नहीं विचारधारा है जिसकी बदौलत कमजोर व्यक्ति भी ताकत और हौसला पाकर अपनी बेड़ियां खुद तोड़ लेता है। इसलिए बाबा साहब का कोई सानी नहीं है। जिन्होंने अंबेडकर को पढ़ लिया वह उनका मुरीद हो जाता है और जीवनपर्यन्त विचारधारा को फॉलो करने में अग्रिम पंक्ति में दिखाई देता है। राधेश्याम चिरानिया ने संविधान के रचयिता अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। पूर्व शाखा प्रबंधक एसबीआई बाबूलाल बडगूजर ने छात्र-छात्राओं को शिक्षित होकर बाबा साहब के सपने को साकार करने हेतु प्रेरित किया। जगदीश प्रसाद कनवाड़िया, बनवारीलाल बडगूजर, प्रेमचंद मेहरा, सीताराम कटारिया, फूलचंद सुनिया, सज्जन कटारिया,रोहतास कटारिया, संजय कटारिया, रोहिताश सुनिया, कन्हैयालाल सोकरिया, जगदीश टेलर,बजरंगलाल सुनिया,भलाराम सुनिया ने भी पुष्प अर्पित किए।
