भीम प्रज्ञा नेटवर्क.सूरजगढ़ |
डॉ. भीमराव अंबेडकर समिति द्वारा संचालित पुस्तकालय, सूरजगढ़ में मंगलवार को किसान मसीहा एवं महान समाज सुधारक दीनबंधु सर छोटूराम की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर मोमबत्तियां प्रज्वलित की गईं तथा उनके सामाजिक-आर्थिक योगदान को स्मरण किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षाविद मोतीलाल डिग्रवाल ने कहा कि दीनबंधु सर छोटूराम (1881-1945) ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के एक प्रमुख राजनेता और किसानों-मजदूरों के सच्चे हितैषी थे। उन्होंने साहूकारों के शोषण से किसानों को मुक्त कराने के लिए ऐतिहासिक कर्ज मुक्ति अधिनियम, भू-राजस्व सुधार जैसे महत्वपूर्ण कानून बनवाए। किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए उन्होंने ‘जाट गजट’ समाचार पत्र का प्रकाशन भी किया।
डिग्रवाल ने बताया कि सर छोटूराम यूनियनिस्ट पार्टी के संस्थापक रहे और पंजाब में संयुक्त प्रांत की सरकार में उनकी अहम भूमिका रही, जिसके लिए उन्हें वर्ष 1937 में ब्रिटिश सरकार द्वारा ‘नाइट’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। उन्हें भाखड़ा बांध का जनक भी माना जाता है। सर छोटूराम का जन्म 24 नवंबर 1881 को घड़ी संपला, रोहतक (तत्कालीन पंजाब प्रांत) में हुआ। उनका मूल नाम राय रिछपाल था, परिवार में सबसे छोटे होने के कारण उन्हें ‘छोटू’ कहा जाता था, जो आगे चलकर छोटूराम के नाम से प्रसिद्ध हुए।
उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से स्नातक तथा आगरा कॉलेज से वकालत की शिक्षा प्राप्त की। महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से असहमति और किसानों के हितों की अनदेखी के कारण उन्होंने वर्ष 1920 में कांग्रेस से त्यागपत्र दे दिया।
इस अवसर पर राधेश्याम चिरानिया, छोटेलाल गजराज डीसी, ओमप्रकाश सेवदा, सज्जन कुमार कटारिया सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने सर छोटूराम के आदर्शों पर चलने और उनके विचारों को समाज में आगे बढ़ाने का संकल्प
