एनआईआईटी विश्वविद्यालय में POSH जागरूकता कार्यशाला का आयोजन, सुरक्षित और समावेशी परिसर को मिला बढ़ावा
एनआईआईटी विश्वविद्यालय में POSH जागरूकता कार्यशाला का आयोजन, सुरक्षित और समावेशी परिसर को मिला बढ़ावा
भीम प्रज्ञा न्यूज़.रमेशचंद@नीमराना।
एनआईआईटी विश्वविद्यालय ने महिला सुरक्षा, लैंगिक संवेदनशीलता और समावेशी शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “कैंपस कॉलिंग – POSH जागरूकता कार्यशाला” का आयोजन किया। यह कार्यशाला युवामंथन के सहयोग से तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हुई। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को महिलाओं के अधिकारों, कार्यस्थल सुरक्षा और लैंगिक समानता से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यौन उत्पीड़न निवारण अधिनियम (POSH), 2013 तथा घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत कानूनी जागरूकता एवं संस्थागत उत्तरदायित्व के महत्व पर परिचयात्मक सत्र से हुई। प्रतिभागियों को घरेलू हिंसा के अर्थ, कारणों और इसके दुष्परिणामों के बारे में संवेदनशील किया गया। प्रो. विजय लक्ष्मी शर्मा ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 की विस्तृत जानकारी देते हुए शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, मौखिक, आर्थिक एवं मनोवैज्ञानिक उत्पीड़न के विभिन्न रूपों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में 277 प्रतिभागियों-जिसमें स्नातक छात्र, शिक्षक, आंतरिक समिति (IC) के सदस्य एवं ILP प्रशिक्षु शामिल थे—ने सक्रिय रूप से भाग लिया। संवादात्मक सत्रों और चर्चाओं को प्रतिभागियों द्वारा अत्यंत सराहा गया। कार्यक्रम का समापन सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक परिसर निर्माण हेतु सामूहिक प्रयासों के आह्वान के साथ हुआ।
