नोबल शिक्षण समूह का शानदार प्रदर्शन, ऐतिहासिक परीक्षा परिणाम के साथ रचा नया कीर्तिमान
बोर्ड परीक्षा में 52 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त कर बढ़ाया गौरव
भीम प्रज्ञा न्यूज़.पचेरी।
राजस्थान बोर्ड परीक्षाओं (5वीं, 8वीं, 10वीं एवं 12वीं) वर्ष 2026 में नोबल शिक्षण समूह ने उत्कृष्ट परिणाम देते हुए एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। इस वर्ष कुल 631 परीक्षार्थियों में से 536 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी तथा 95 विद्यार्थियों ने द्वितीय श्रेणी प्राप्त की। विशेष बात यह रही कि 10वीं एवं 12वीं के 52 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। संस्था का कुल परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा, जिससे विद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है। इस ऐतिहासिक सफलता के उपलक्ष्य में नोबल शिक्षण संस्थान, देवलावास में निदेशक इंजीनियर संदीप नेहरा के नेतृत्व में प्रतिभा सम्मान समारोह एवं शिक्षक सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा शिक्षकों के योगदान की सराहना की गई।
प्रतिभाओं को तराशने का सफल प्रयास
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि हर व्यक्ति में प्रतिभा होती है, आवश्यकता केवल उसे सही दिशा देने की होती है। नोबल संस्थान के शिक्षकों ने ग्रामीण क्षेत्र की छुपी प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें निखारने का सराहनीय कार्य किया है। संस्था का यह प्रयास वर्षों से लगातार जारी है, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को नई पहचान मिल रही है।
नेतृत्व और रणनीति से मिली सफलता
एकेडमिक डायरेक्टर सुमन नेहरा ने बताया कि विद्यालय की सुनियोजित रणनीति और कुशल नेतृत्व के कारण हर वर्ष बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। वहीं डिप्टी डायरेक्टर अशोक शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
प्रिंसिपल कृष्ण कुमार यादव ने विद्यालय की वार्षिक गतिविधियों और शिक्षा नीतियों पर प्रकाश डालते हुए नए सत्र की शुरुआत नए संकल्प और ऊर्जा के साथ करने की बात कही।

समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश
निदेशक इंजीनियर संदीप नेहरा ने अपने संबोधन में कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के लिए श्रेष्ठ नागरिक तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि नए सत्र में नई ऊर्जा और संकल्प के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा एवं संस्कार प्रदान किए जाएंगे।
अभिभावकों और शिक्षकों को सफलता का श्रेय
संस्था ने इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों को भी दिया है। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि लगभग 90 प्रतिशत विद्यार्थियों का प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होना इस बात का प्रमाण है कि सामूहिक प्रयास से असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। नोबल शिक्षण समूह का यह “सुपर डुपर रिजल्ट” न केवल क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
