पुलिस अधीक्षक ने दिए सख्त निर्देश, नशा मुक्त जिला बनाने पर किया जोर
ड्रग कन्ट्रोल, शिक्षा विभाग और मीडिया के सुझावों पर हुई विस्तृत चर्चा
जिलेभर से आए संस्थाओं, शिक्षा विभाग व मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एनकोर्ड को लेकर समीक्षा बैठक सम्पन्न
रजत विजय रंगा
भीम प्रज्ञा न्यूज़.फतेहाबाद। जिले में नशा उन्मूलन और ड्रग नियंत्रण व्यवस्था को और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं परिणामकारी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को जिला सचिवालय स्थित बैठक कक्ष में उपायुक्त डाॅ. विवेक भारती, आईएएस की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत जैन, आईपीएस की विशेष उपस्थिति में एनकोर्ड संबंधी समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया सहित जिलेभर से आए ड्रग इंस्पेक्टर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, शिक्षा विभाग तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य नशे की रोकथाम, नियंत्रण, जागरूकता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाना था।
उपायुक्त का संदेशः एनकोर्ड एक समन्वित और प्रभावी प्लेटफॉर्म
बैठक की शुरुआत में उपायुक्त डाॅ. विवेक भारती, आईएएस ने कहा कि एनकोर्ड प्लेटफॉर्म नशा उन्मूलन के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण तंत्र है, जिसके माध्यम से प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग मिलकर प्रभावी रणनीतियाँ विकसित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशा एक सामाजिक और पारिवारिक संकट है, जिसे खत्म करने के लिए प्रशासन तथा समाज दोनों को साझा जिम्मेदारी निभानी होगी।
पुलिस अधीक्षक की सशक्त भूमिका और स्पष्ट निर्देश
बैठक के मुख्य आकर्षण रहे पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत जैन, आईपीएस ने नशा उन्मूलन अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए और अपनी सक्रिय भूमिका स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की।
नशा पीड़ितों के लिए रेडक्रॉस को विशेष निर्देश
उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी अधिक से अधिक नशा-ग्रस्त युवाओं का इलाज करे, उन्हें उचित देखभाल, काउंसलिंग और केयरटेकर उपलब्ध करवाए। उन्होंने कहा कि युवाओं का आत्मबल बढ़ाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में फिर से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।
ड्रग इंस्पेक्टरों को सख्त निगरानी बढ़ाने के निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश दिया कि जिलेभर के अधिक से अधिक केमिस्ट शॉप्स की अचानक जांच की जाए और चेकिंग के आँकड़े बढ़ाए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर पुलिस सहायता की आवश्यकता हो तो तुरंत सूचना दी जाए, और पुलिस विभाग हर संभव सहयोग तत्काल उपलब्ध कराएगा।
पुलिस की रणनीतिः हॉटस्पॉट, नेटवर्क और सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने बैठक में बताया कि जिले में नशीले पदार्थों की सप्लाई को समाप्त करने के लिए हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान, नेटवर्क तोड़ने, खुफिया जानकारी को मजबूत करने और त्वरित धर-पकड़ के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
शिक्षा विभाग को उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त के संयुक्त निर्देश
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूलों व कॉलेजों में चल रहे जागरूकता कार्यक्रमों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने डीईओ को निर्देश दिए कि हर स्कूल में एंटी-ड्रग सत्र अनिवार्य रूप से आयोजित हों, पोस्टर अभियान, नुक्कड़ नाटक और अभिभावक बैठकें नियमित हों, स्कूल स्तर पर निगरानी और जागरूकता दोनों बढ़ाई जाए, पुलिस और नशा मुक्ति टीमें स्कूलों को हर संभव सहायता दें। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि युवाओं को जागरूक करना ही सबसे बड़ा हथियार है।
स्वयंसेवी संस्थाओं का योगदान और प्रशासन की सराहना
सामाजिक संस्थाओं ने बताया कि वे समुदाय स्तर पर जागरूकता, पुनर्वास केंद्रों के साथ समन्वय और नशा छोड़ चुके व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्वास में कार्यरत हैं।
उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक दोनों ने इनके प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज की भागीदारी नशा उन्मूलन अभियान की रीढ़ है।
अंतिम संदेशः नशा मुक्त जिला हमारा साझा संकल्प
बैठक के समापन पर उपायुक्त ने कहा कि नशा उन्मूलन एक सतत प्रक्रिया है, जिसके लिए प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, संस्थाओं और मीडिया की संयुक्त भूमिका अत्यंत आवश्यक है।
पुलिस अधीक्षक ने पुनः जोर देते हुए कहा कि फतेहाबाद को नशा मुक्त जिला बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके लिए हर स्तर पर सख्त व सतत कार्रवाई जारी रहेगी।
मीडिया प्रतिनिधियों के सुझाव और बढ़ती भागीदारी
मीडिया प्रतिनिधियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे। जिसमें नशा रोकथाम अभियान को नगर परिषद और ग्राम पंचायत स्तर तक ले जाया जाए और स्थानीय प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी तय की जाए एवं मेडिकल दुकानों की जांच कई टीमों द्वारा एक साथ की जाए ताकि नशीली दवाओं पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। मीडिया ने भरोसा दिलाया कि वे इस मुहिम को व्यापक स्तर पर समाज तक पहुँचाएंगे।