संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर परिवर्तनकारी साहित्य मंच की ओर सेे नारनौल के संविधान जागृति कार्यक्रम का आयोजन
मनोज बुलाण
भीम प्रज्ञा न्यूज़.नारनौल।
संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर परिवर्तनकारी साहित्य मंच की ओर सेे मंगलवार को संविधान जागृति कार्यक्रम का आयोजन नारनौल के बाल्मीकि सभागार में किया गया। समारोह की अध्यक्षता सुंदर लाल उत्सुक द्वारा की गई और मुख्य वक्ता प्रो शिवताज सिंह ताज रहे जबकि मंच का संचालन रविन्द्र सैनी ने किया। कार्यक्रम में संविधान से मिले हक अधिकार व आज के युग में उन मूल्यों को प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया तथा संविधान की प्रस्तावना का प्रतिज्ञान किया गया। इस मौके पर मुख्य वक्ता मंच अध्यक्ष सामाजिक चिंतक रिटायर्ड प्राचार्य डा. शिवताज सिंह ने कहा कि 2014 के बाद देश में संविधान को कमजोर करने के साथ संवैधानिक संस्थाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। भारत जैसे बहुलता वाले देश को बाबा साहब अंबेडकर द्वारा रचित संविधान ने देश को एकता के सूत्र मेें पिरोया है। दुनिया का सबसे विस्तृत व सभी को समानता, न्याय, बंधुत्व देने वाला भारतीय संविधान है। अगर देश के संविधान की किताब सुरक्षित रहेगी तो हर जाति, धर्म, भाषा आदि के मानने वाले को अधिकार सुरक्षित रहेंगे। समारोह की अध्यक्षता करते हुए अध्यापक सुदंरलाल ने कहा कि भारत का संविधान वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर देता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षो से देश में धार्मिक अंधता का वातावरण तैयार किया जा रहा है जो संविधान के लिए एक बड़ा खतरा है। भारत के संविधान की प्रास्तावना को सभी स्कूलों में प्रातकाल में पढऩे के लिए अनिवार्य किया जाये ताकि भविष्य के नागरिकों को इसकी गहनता से जानकारी हो सके। समारोह में प्रधान चंदन सिंह जालवान ,बलबीर बबेरवाल, महेंद्र बोयत, राष्ट्रपति अवार्डी सरपंच रोशनी देवी, भूपसिंह भारती ,आशुतोष अंबेडकर, एडवोकेट गजानन्द दोचानिया,रिटायर्ड मैनेजर मदनलाल डाडैया ने संबोधित किया। इस बैठक में भारतीय बौद्ध महासभा हरियाणा की उपाध्यक्ष आशा पूनिया , ललित कुमार,सुनील चंदपुरा,करतार सिंह, सुरेन्द्र कुमार, महावीर, राधेश्याम, हरिराम,अमरनाथ सिरोहा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
