-नागरिकों को सतर्क रहने, मशीनों की जाँच करने और डिजिटल सुरक्षा आदतें अपनाने की अपील
रजत विजय रंगा,
भीम प्रज्ञा न्यूज़.फतेहाबाद। आधुनिक तकनीक ने जहाँ जीवन को अधिक सुविधाजनक और तेज बनाया है, वहीं साइबर अपराधी भी लगातार नए तरीकों से नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में क्रेडिट और डेबिट कार्ड की स्किमिंग और क्लोनिंग की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है, विशेष रूप से पेट्रोल पंप, रेस्तरां, शॉपिंग मॉल, होटल और एटीएम मशीनों पर ऐसे मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन, आईपीएस ने नागरिकों को जागरूक करने हेतु विस्तृत साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जिसमें ऐसे अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय साझा किए गए हैं।
स्किमिंग वह प्रक्रिया है जिसमें अपराधी एक विशेष उपकरण की मदद से कार्ड की चुंबकीय पट्टी (Magnetic Stripe) से डेटा चुरा लेते हैं। यह उपकरण अक्सर एटीएम, पीओएस मशीन या पेट्रोल पंप की मशीनों पर गुप्त रूप से लगाया जाता है। वहीं क्लोनिंग, स्किमिंग से प्राप्त डेटा का उपयोग कर नकली कार्ड (क्लोन कार्ड) बनाने की प्रक्रिया है, जिससे अपराधी आपकी जानकारी के बिना आपके अकाउंट से धनराशि निकाल सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने नागरिकों को कार्ड सुरक्षा के लिए कई महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि एटीएम या पीओएस मशीन का प्रयोग करने से पहले उसके कार्ड स्लॉट और कीपैड की ठीक से जाँच अवश्य करें। किसी भी ढीले, असमान या संदिग्ध उपकरण लगे होने पर मशीन का उपयोग न करें। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपना कार्ड किसी भी अजनबी या कर्मचारी को न सौंपें और स्वाइप हमेशा स्वयं करें। वायरलेस डेटा चोरी से बचने के लिए RFID ब्लॉकिंग वॉलेट का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है।
ऑनलाइन खरीदारी केवल प्रमाणिक और ‘HTTPS’ आधारित वेबसाइटों से करने की अपील की गई है। साथ ही टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) और OTP सुविधा को हमेशा सक्रिय रखने को कहा गया है, जिससे हर लेन-देन पर आपकी अनुमति अनिवार्य हो जाती है। पिन डालते समय कीपैड को ढकना, अपने बैंक खाते पर SMS और ईमेल अलर्ट सक्रिय रखना तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराना आवश्यक बताया गया है। इसके अतिरिक्त, कार्ड को सार्वजनिक स्थानों पर अधिक देर तक न छोड़ें और इंटरनेट पर मौजूद फर्जी कस्टमर केयर नंबरों से अत्यधिक सतर्क रहें। हमेशा केवल आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नंबरों का ही उपयोग करें।
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा , “साइबर अपराधी अब बेहद पेशेवर और तकनीकी रूप से दक्ष हो चुके हैं। एक छोटी-सी लापरवाही भी आपके बैंक खाते को खाली कर सकती है। सतर्कता, जागरूकता और डिजिटल अनुशासन ही इस प्रकार के धोखाधड़ी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।”
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी डिजिटल और वित्तीय सुरक्षा के प्रति हमेशा जागरूक रहें। पुलिस समय-समय पर साइबर जागरूकता अभियानों के माध्यम से आमजन को शिक्षित करती रहेगी। यदि कोई व्यक्ति किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो 24 घंटे के भीतर 1930 पर कॉल कर शिकायत अवश्य दर्ज कराए, जिससे राशि की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।
