मूल ओबीसी को पृथक आरक्षण देने की मांग; क्रीमी लेयर हटाने और कोटा 27% करने पर जोर
भीम प्रज्ञा न्यूज़.बीकानेर।
राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष मदन लाल भाटी ने आज बीकानेर के जिला परिषद सभागार में जन सुनवाई की। इस दौरान भारतीय प्रजापती हीरोज ऑर्गेनाइजेशन, कुम्हार महासभा और भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रतिनिधियों ने आयोग को 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ बड़ी जातियों द्वारा जबरदस्ती आरक्षण प्राप्त करने से मूल ओबीसी समाज अपने अधिकारों और विकास से वंचित हो रहा है। संगठनों ने आयोग से ओबीसी का वर्गीकरण कर स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनाव में मूल ओबीसी को पृथक आरक्षण देने की मांग की। ज्ञापन में रखी गई मुख्य मांगों में केंद्र की तर्ज पर ओबीसी का आरक्षण कोटा 21% से बढ़ाकर 27% करना, क्रीमी लेयर को पूर्णतया हटाना अथवा इसकी आर्थिक सीमा बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा, ओबीसी का वर्गीकरण तीन श्रेणियों (कृषक/पशुपालक, कामगार/शिल्पकार, घुमंतू) में करने, नौकरी में एससी-एसटी की तरह प्रमोशन देने, संसद और विधानसभा चुनाव में आरक्षण प्रदान करने तथा माटी कला एवं केश कला कौशल बोर्डों को संवैधानिक दर्जा देने की मांग की गई। साथ ही, ओबीसी की कामगार जातियों के लिए बाजार, कच्चे माल की उपलब्धता और कुम्हार समाज के लिए मिट्टी हेतु सरकारी भूमि आवंटन करने की मांग भी की गई।ज्ञापन सौंपने वालों में एडवोकेट अशोक प्रजापत, त्रिलोक चंद गेधर, किशन संवाल, सोहन लाल प्रजापत और जेठा राम जालप सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
