समदेड़ा तालाब पर मादा पैंथर दो शावकों के साथ CCTV में कैद
भीम प्रज्ञा न्यूज़ खेतड़ी।

पर्यटक नगरी खेतड़ी एक बार फिर वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने की ओर है। सर्द रात में मादा पैंथर अपने दो नन्हे शावकों के साथ घूमती हुई समदेड़ा तालाब क्षेत्र में CCTV कैमरे में कैद हुई है। यह दृश्य वन विभाग की निगरानी कैमरों में साफ दिखाई दिया, जिसके बाद क्षेत्र में वन्यजीवों की संख्या बढ़ने की पुष्टि भी मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से समदेड़ा तालाब, बागोर, पानोता धाम और आसपास के जंगलों में पैंथर की मूवमेंट की सुगबुगाहट थी। अब पैंथर के कुनबे में नए शावकों का जुड़ना इस बात की ठोस मोहर है कि खेतड़ी वन क्षेत्र में पैंथर परिवार लगातार बढ़ रहा है।
वन क्षेत्र के रेंजर पवन शेखावत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे एक माह के विशेष पैंथर गणना अभियान के तहत खेतड़ी वन्य अभयारण्य में 1 दर्जन से अधिक डिजिटल ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इन्हीं कैमरों में नई तस्वीरें रिकॉर्ड हुई हैं। इससे पहले वन कर्मियों ने विभिन्न स्थानों पर फुट मार्क (पगमार्क) सर्वे कर वन्यजीवों की गतिविधियों की पुष्टि की थी।
स्थानीय विधायक इंजीनियर धर्मपाल गुर्जर निरंतर खेतड़ी वन्य अभयारण्य को डेवलप और पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जंगल में जल स्रोत, प्रहरी मार्ग, कैमरा निगरानी और वन्यजीव संरक्षा के नवाचार पर लगातार काम हो रहा है।
वन विभाग के अनुसार खेतड़ी श्रेणी के वन क्षेत्र में पैंथर की वास्तविक संख्या एक दर्जन से भी अधिक मानी जा रही है।
इन गतिविधियों को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि नव वर्ष 2026 में पर्यटकों की आवक में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। पैंथर के प्राकृतिक दीदार के शौकीन पर्यटकों के लिए खेतड़ी अब एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
वन्य जीवों के सुरक्षित रहवास, संरक्षण और निगरानी के लिए वनकर्मी लगातार नवाचार कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में खेतड़ी का यह क्षेत्र राजस्थान के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल हो सकता है।
