सोहनलाल परिहार
भीम प्रज्ञा न्यूज़.बीकानेर। बीकानेर में निर्माणाधीन डॉ. अंबेडकर छात्रावास की नई बिल्डिंग के निर्माण के लिए व्यास कॉलोनी निवासी और उदयरामसर के मूल निवासी मदनलाल लेखाला और उनके परिवार ने एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। लेखाला ने छात्रावास को 5 लाख रुपए की राशि भेंट की है, जो जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।
सेवा और समर्पण की मिसाल
मदनलाल लेखाला का जन्म 31 जुलाई 1959 को हुआ। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद 1980 में पीडब्ल्यूडी विभाग में कनिष्ठ अभियंता के रूप में नौकरी शुरू की और 31 जुलाई 2019 को अधिशासी अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद भी लेखाला समाज सेवा में सक्रिय हैं। उन्होंने इससे पूर्व डीडवाना में मेघवाल समाज छात्रावास को 1 लाख रुपए का सहयोग दिया था और नोखा के त्रिलोक छात्रावास में ओवर हेड टैंक का निर्माण भी करवाया था। वह समय-समय पर परिवार और समाज के ज़रूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करते रहे हैं।
तकनीकी विशेषज्ञता का भी योगदान
लेखाला का योगदान केवल आर्थिक सहायता तक ही सीमित नहीं है। वह छात्रावास बिल्डिंग के निर्माण कार्य की इंजीनियरिंग कमेटी में भी शामिल हैं। वह आर्किटेक्ट एस.के. बेरी के दिशा-निर्देशन में कंस्ट्रक्शन कार्य में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और अमूल्य समय का योगदान दे रहे हैं।
गौरवशाली पारिवारिक पृष्ठभूमि
लेखाला परिवार का समाज सेवा का इतिहास पुराना रहा है। उनके पिताजी, मूलाराम, विभिन्न सहकारी समितियों में कार्यरत रहे और सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के 1972 से 1988 तक डायरेक्टर रहे। उनके बड़े भाई, रामेश्वर लाल लेखाला, BSNL से सेवानिवृत्ति के बाद अपने गाँव उदयरामसर के सरपंच भी रहे हैं। लेखाला परिवार की वर्तमान पीढ़ी भी देश की सेवा कर रही है। डॉ. मुकेश लेखाला मेडिकल कॉलेज चूरू में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। हरीश लेखाला स्कूल व्याख्याता हैं और हाल ही में RAS में चयनित हुए हैं। महेंद्र कुमार वन विभाग में सहायक वन संरक्षक (ACF) के पद पर कार्यरत हैं। गगन लेखाला उच्च शिक्षित हैं और कृषि फार्म का प्रबंधन संभाल रहे हैं।
संस्था ने जताया आभार
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष एस.के. बेरी, सचिव सोहनलाल गोयल, कोषाध्यक्ष सुभाष चन्द्र तंवर, एल.आर. बीबान, डॉ. रामकिशोर मेहरा आदि ने मदनलाल लेखाला, उनकी जीवनसंगिनी इमरती देवी और समस्त परिवारजनों की दानपारमिता के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया।
