-मिशन बुनियाद विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने में मील का पत्थर : उपायुक्त
-ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने और करियर निर्माण में हरियाणा सरकार कर रही है अभिनव प्रयास
-लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें विद्यार्थी- डीसी डॉ. विवेक भारती
रजत विजय रंगा
भीम प्रज्ञा न्यूज़.फतेहाबाद। राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भूना में शुक्रवार को शिक्षा विभाग द्वारा मिशन बुनियाद का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर विद्यार्थियों को प्रेरणादायक विचारों से संबोधित किया। डीसी डॉ. विवेक भारती ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति पूर्ण फोकस रखने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सफल वहीं होते हैं, जो लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर निरंतर प्रयास करते हैं। अध्ययन में आनंद तभी आता है, जब हम उसे मन से स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा में जो भी विषय या तथ्य समझ में न आए, उसके बारे में अवश्य प्रश्न पूछें। सवाल पूछना जिज्ञासा का प्रतीक है और यहीं आदत विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास की सबसे मजबूत नींव रखती है। डीसी ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा सुपर-100 और मिशन बुनियाद जैसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभा को पहचान कर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के उच्च स्तर तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मिशन बुनियाद में चयनित विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि वे आईआईटी, यूपीएससी, एचसीएस सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। डीसी ने कहा कि सफलता और असफलता दोनों की वजह को समझना आवश्यक है। मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास से विद्यार्थी शिक्षक, इंजीनियर, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी या किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने की दिशा में निरंतर कार्य करने की सलाह दी। डीसी ने कहा कि अपने आप को हमेशा हाई स्पिरिट में रखें, सकारात्मकता जीवन की सबसे बड़ी ऊर्जा है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने डीसी से अनेक सवाल पूछे। छात्र नीरज ने बताया कि वह आईपीएस बनना चाहता है और एनएसए अजीत डोभाल से प्रेरणा लेता है। डीसी ने उसे यूपीएससी की प्रक्रिया समझाई और कहा कि स्पष्ट लक्ष्य रखने वाले विद्यार्थी अवश्य सफल होते हैं। एक अन्य छात्र जतिन ने बताया कि वह चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहता है। वहीं एक विद्यार्थी ने वैकल्पिक विषय चुनने पर सवाल पूछा, जिस पर डीसी ने उसे यूपीएससी अपनी रुचि और विषय समझ के अनुसार निर्णय लेने की सलाह दी। डीसी ने कहा कि विद्यार्थियों को मंच का भय छोडक़र निर्भीक होकर सवाल पूछने चाहिए। अंग्रेजी भाषा में पकड़ मजबूत करें, गणित में दक्षता विकसित करें और फोन की अनावश्यक आदतों को डिजिटल डिटॉक्स के माध्यम से नियंत्रित करें। सिद्धांत नामक छात्र ने टाइमटेबल सेट करने पर प्रश्न पूछा, जिस पर डीसी ने कहा कि समय सारणी लचीली हो सकती है, लेकिन उसे निष्पक्ष रूप से पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने लक्ष्य आधारित अध्ययन को सर्वोत्तम तरीका बताया।
छात्र दीनदयाल के साइबर क्राइम से जुड़े प्रश्न पर डीसी ने विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से जागरूक रहने, सुरक्षित पासवर्ड रखने और संदिग्ध गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही तनाव प्रबंधन के लिए व्यायाम व संतुलित दिनचर्या अपनाने की बात कही। छात्रों ने नशे से बचाव, कठिन परिस्थितियों से निपटने तथा भविष्य की तैयारी जैसे विषयों पर भी सवाल पूछे। डीसी ने कहा कि अनुशासन, संवाद, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जागरूकता ही भविष्य के सुशिक्षित व इंफॉम्र्ड सिटीजन की पहचान है। डीसी ने कहा कि विद्यार्थियों को प्रेरक व्यक्तित्वों की जीवनी पढ़नी चाहिए, जिससे अनुभव और जीवन मूल्य सीखने को मिलते हैं। विद्यार्थियों ने उपायुक्त और जिला शिक्षा अधिकारी के बनाए हुए पेंटिंग स्केच भी उन्हें भेट किया।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय प्रांगण में श्रीनिवास रामानुजन मैथ पार्क का भ्रमण किया। जहां पर मैथ के मुश्किल टॉपिक को प्रैक्टिकल मॉडल के रूप में विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया गया। डीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि ऐसे कांसेप्ट को जिला के अन्य स्कूलों में भी लागू करें ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई के प्रति रूचि और अधिक हो सके। कार्यक्रम में पहुंचने पर डीसी डॉ. विवेक भारती का स्वागत जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई द्वारा किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने उपायुक्त को अवगत कराया कि विद्यालय के 474 पौधों पर उनकी प्रजातियों की विशेषताओं को दर्शाते हुए क्यूआर कोड लगाए गए है। इस अवसर पर बीईओ निर्मल बाला सिहाग, प्रिंसिपल नरेश शर्मा, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर संजीव सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
