साहित्यिक धरोहर को नई पहचान देने मंच पर गूंजे ठहाके और तालियाँ
रमेशचंद्र
भीम प्रज्ञा न्यूज़.नीमराना।
नीमराना। नीदरलैंड में रह रहे अप्रवासी भारतीय एवं मुंडावर तहसील के जाट बहरोड़ निवासी साहित्यकार कवि डॉ. रामा तक्षक की साझा फाउंडेशन (नीदरलैंड्स व जाट बहरोड़) की पहल पर शनिवार को जाट बहरोड़ स्थित भगवती पैलेस में दो दिवसीय राठ महोत्सव का शुभारंभ हुआ। महोत्सव का उद्देश्य राठ क्षेत्र की साहित्यिक प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के पहले दिन राठ इलाके के उभरते युवा कवियों के साथ देश के नामचीन कवियों ने मंच साझा किया। कवियों ने राठ इतिहास, संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और समकालीन मुद्दों पर अपनी प्रभावशाली व हास्य से भरपूर रचनाओं से दर्शकों को खूब ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम में फिल्म निर्माता-निदेशक राजेंद्र सिंह मुख्य अतिथि रहे, जबकि मीरा गौतम ने अध्यक्षता की। डॉ. तक्षक ने कहा कि यह महोत्सव राठ क्षेत्र की युवा साहित्यिक प्रतिभाओं को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम है। कवि सम्मेलन में जेडी राणा, दीप दीपिका मोलावास, धर्मपाल धर्म, सुमन, मनोज शर्मा मनु, मुकेश यादव, सविता गोस्वामी, डॉ. पीयूष गोस्वामी सहित अनेक रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समा बांध दिया।कवियों की रचनाओं में संवेदना, हास्य, प्रेरणा और सामाजिक संदेशों का सुंदर संगम देखने को मिला।
महोत्सव में अजीत सिंह महलावत, भगवती प्लेस निदेशक एवं बाबा भगवान दास बीएड कॉलेज निर्देशक सुभाष चौधरी, बी.बी.डी स्कूल जाट-बहरोड के संस्थापक अशोक तक्षक,जालावास प्रधानाचार्य प्रवीण यादव, डॉ. गजराज यादव, जाट बहरोड पूर्व सरपंच प्रतिनिधि रमेश तक्षक, शिक्षाविद रवींद्र शर्मा, ब्रह्मप्रकाश तक्षक, जलदीप तक्षक सहित बड़ी संख्या में आसपास के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। राठ महोत्सव का दूसरा दिन रविवार को भी साहित्यिक कार्यक्रमों के नाम रहेगा।
