
ऊँट–घोड़ी की धुनों के बीच मनोज घुमारिया का जोरदार स्वागत, तातीजा में दी अंबेडकर लाइब्रेरी की सौगात
“सेवा ही मेरा संकल्प”… मनोज घुमारिया बोले—खेतड़ी का विकास मेरी जीवन प्राथमिकता”
भीम प्रज्ञा न्यूज़ खेतड़ी। विधायक प्रत्याशी, भामाशाह, पर्यावरण प्रेमी और ‘मदद फाउंडेशन’ के संस्थापक मनोज घुमारिया का खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र के तातीजा गांव में रविवार को अभूतपूर्व नागरिक अभिनंदन किया गया। गांव की सीमा से कार्यक्रम स्थल तक उनकी आगवानी ऊंट–घोड़ी की पारंपरिक बग्गी में की गई। डीजे की धुन पर थिरकते युवा, सड़कों पर उमड़ी भीड़ और ऊंट–घोड़ी के करतब पूरे मार्ग में आकर्षण का केंद्र रहें। सभा स्थल पहुँचने पर ग्रामीणों ने घुमारिया का 51 किलो की भव्य माला पहनाकर एवं पारंपरिक साफा बांधकर स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिरंजीलाल कसाना ने की।
निस्वार्थ सेवा भावना—जनता का विश्वास
ग्रामीणों का कहना था कि मनोज घुमारिया वर्षों से बिना भेदभाव समाज के हर वर्ग की मदद करते आए हैं। उनकी स्वच्छ कमाई का अधिकतर हिस्सा समाज सेवा में लगता है, यही उनकी सबसे बड़ी पहचान है,—ग्रामीणों ने कहा कि जो लोग पिछली बार उनके साथ नहीं थे, उन्होंने भी गलती स्वीकारते हुए भविष्य में घुमारिया के साथ खड़े रहने का संकल्प मंच से व्यक्त किया। यह बदलाव उनके प्रति बढ़ते जनविश्वास को दर्शाता है।
अंबेडकर लाइब्रेरी और प्रतिमा की घोषणा—शिक्षा को मिली बड़ी सौगात
अपने संबोधन में मनोज घुमारिया ने कहा कि खेतड़ी के विकास का सपना मेरी जीवन यात्रा की प्रेरणा है। सेवाकार्य मेरा धर्म है और शिक्षा समाज को उठाने का सबसे बड़ा माध्यम। उन्होंने तातीजा में डॉ. भीमराव अंबेडकर लाइब्रेरी स्थापित करने की घोषणा की, ताकि गांव के बच्चे और युवा सशक्त बन सकें। साथ ही गांव में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा लगाए जाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अंबेडकर के विचार शिक्षा, समानता और जागरूकता के स्तंभ हैं। गांव में उनकी प्रतिमा युवाओं को प्रेरणा देगी।”
घुमारिया कोचिंग—सैकड़ों बच्चों के सपनों की नई शुरुआत
मनोज घुमारिया ने बताया कि वह पिछड़े और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए निःशुल्क घुमारिया कोचिंग क्लासेज चला रहे हैं, जहाँ बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि
“शिक्षा ही समाज की दिशा बदल सकती है। हर माता-पिता का पहला कर्तव्य है कि वे बच्चों को पढ़ाएं, आगे बढ़ाएं।”
गौसेवा—90 मन चारे का संकल्प
समारोह में घुमारिया ने बताया कि उन्होंने निकटवर्ती गौशाला में 90 मन चारा डलवाया। ग्रामीणों ने उनकी गौसेवा को सराहा और इसे ‘निस्वार्थ सेवा’ का श्रेष्ठ उदाहरण बताया।
समाजसेवी कार्य—बिना भेदभाव सेवा की मिसाल
मनोज घुमारिया ने कहा कि उनका हर सामाजिक कार्य चाहे मंदिर निर्माण, बोरिंग व्यवस्था, शैक्षिक सहायता हो, पूरी तरह जनसहयोग और समानता के भाव से किया जाता है। उन्होंने साफ कहा कि
“मैं राजनीति में लाभ कमाने नहीं, समाज उठाने आया हूँ।”
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में रविन्द्र सिंह निर्वाण, बंसीधर बजाड़, रामकृष्ण भगत, हवासिंह पोस्ट मास्टर, नानड़राम भक्त, लीलाधर धेड़ड़, सदासुख रोडासर, बाबूलाल सैनी, योगेंद्र धेड़ड़, जगदीश, कैलाश देवता, रमेश खटाना, कृष्ण कुमार, नरेंद्र तुन्दवाल, विनोद बजाड़, सुरेश धेड़ड़, राजेश जलन्द्रा, हर्मेन्द चनानिया, गोकुल मेहरड़ा, नवीन बजाड़ सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने मनोज घुमारिया को क्षेत्र के भविष्य का सशक्त नेतृत्व बताते हुए उन्हें आशीर्वाद और समर्थन दिया।
