राजस्थान राइजिंग कार्यक्रम में व्यक्त किए विचार
भीम प्रज्ञा न्यूज़.श्रीमाधोपुर। खनन, मिनरल्स, मार्बल, ग्रेनाइट, पेट्रोलियम, फूड इंडस्ट्रीज से लेकर कानूनी सलाहकार के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले श्रीमाधोपुर निवासी अशोक पारीक राजस्थान ही नहीं, पूरे शेखावाटी क्षेत्र के लिए गौरव का विषय हैं। राजस्थान राइजिंग कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान हमारे संवाददाता से विशेष बातचीत में उन्होंने उद्यमशीलता, चुनौतियों और नवाचार पर विस्तृत विचार साझा किए। अशोक पारीक उपभोक्ता आयोग में सीकर और अलवर जिले में सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। साथ ही वे भारतीय जनता पार्टी उद्योग प्रकोष्ठ, सीकर जिले के जिला संयोजक भी रह चुके हैं। क्षेत्र में उद्यमशीलता को लेकर उनका मार्गदर्शन अत्यंत सटीक और उपयोगी माना जाता है, जिसके चलते शेखावाटी के कई क्षेत्रों में नए नवाचार शुरू हुए हैं। पारीक का मानना है कि “उद्यमशीलता एक प्रक्रिया है, जिसमें नए विचारों को पहचानकर उन्हें व्यवसाय या परियोजना में बदला जाता है। इसमें जोखिम उठाने से लेकर संसाधनों को व्यवस्थित करने और चुनौतियों का सामना करते हुए कार्य को विकसित करने की क्षमता शामिल है।” उनके अनुसार उद्यमशीलता सिर्फ नया बिज़नेस शुरू करना नहीं, बल्कि नवाचार, जोखिम प्रबंधन और आर्थिक विकास को गति देने की शक्ति है, जो रोजगार के नए अवसर पैदा करती है।
अवसरों की पहचान और नवाचार को देते हैं महत्व
अशोक पारीक बताते हैं कि एक सफल उद्यमी बाजार की जरूरतों को पहचानकर उनके समाधान के लिए विचार लाता है। उन्हें हकीकत में बदलने के लिए वित्तीय और व्यक्तिगत जोखिम भी उठाता है।
नए उत्पाद, सेवाएं या व्यावसायिक मॉडल लाना और संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन उद्यम का आधार माना जाता है।
शेखावाटी में उद्यमशीलता की चुनौतियां
पारीक के अनुसार राजस्थान, विशेषकर शेखावाटी में उद्यमशीलता को कई तरह की चुनौतियों से गुजरना पड़ता है। वे कहते हैं कि बाधाओं और असफलताओं से सीख कर आगे बढ़ना ही सफलता की कुंजी है। अशोक पारीक का स्पष्ट कहना है “उद्यमशीलता की सफलता नेतृत्व पर निर्भर करती है। एक अच्छा नेता टीम बनाता है, उसे प्रेरित करता है और अपने विज़न को साकार करने की दिशा में कार्य करता है।” शेखावाटी में नए अवसर और नवाचारों को बढ़ावा देने में अशोक पारीक की भूमिका लगातार सराहनीय मानी जा रही है।
