रमेशचंद्र
भीम प्रज्ञा न्यूज़.नीमराना।
नीमराना उपखंड के शाहजहांपुर कस्बे के समीप स्थित गूगलकोटा गांव में गुरुवार रात्रि एक अनोखी और प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। यहाँ एक विवाह समारोह के दौरान वर पक्ष ने दहेज में दी जा रही 11 लाख रुपये की राशि लौटाकर समाज को दहेज प्रथा के खिलाफ मजबूत संदेश दिया है। जानकारी के अनुसार गूगलकोटा गांव की भांजी रेणुका कंवर का विवाह अजमेर जिले के मंडावरा निवासी करण सिंह राठौड़ के साथ संपन्न हुआ। विदाई के समय दुल्हन पक्ष द्वारा परंपरानुसार दी जाने वाली 11 लाख रुपये की राशि जब वर पक्ष को सौंपी गई तो दूल्हे के पिता संजय सिंह राठौड़ एवं परिजनों ने इसे लेने से इनकार कर दिया। विदाई की रस्म को उन्होंने मात्र चांदी के ₹1 के सिक्के और नारियल से पूरा किया। दुल्हन रेणुका कंवर बचपन से ही अपने मामा पवन सिंह, दिनेश सिंह, महेश सिंह और नाना रामेश्वर सिंह के पास रहकर पली-बढ़ीं और यहीं से बीकॉम व B.Ed की शिक्षा प्राप्त की। वहीं दूल्हा करण सिंह राठौड़ स्पेशल B.Ed (मूक-बधिर) उत्तीर्ण हैं और निवाई (जिला टोंक) में दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने का कार्य कर रहे हैं। वर पक्ष द्वारा दहेज राशि लौटाने के इस निर्णय की क्षेत्र में व्यापक चर्चा है। दूल्हे करण सिंह ने कहा— “हमें दहेज की आवश्यकता नहीं है। एक पढ़ी-लिखी अर्धांगिनी ही हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार है।” दुल्हन रेणुका ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दहेज प्रथा के कारण समाज में कई बार बेटियों को प्रताड़ना सहनी पड़ती है, ऐसे में यह कदम बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण है। गूगलकोटा गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस घटना की खूब प्रशंसा हो रही है। सरपंच रविंद्र सिंह चौहान, साधू सिंह, बृजपाल सिंह, जयवीर सिंह, रतन उपसरपंच, जयपाल सिंह, विक्रम सिंह, शिशुपाल सिंह अजबपुरा, सुनील मीणा, श्याम सिंह, राम सिंह, विकास, सुरेंद्र सिंह सहित ग्रामीणों ने वर पक्ष की इस पहल को सराहनीय बताया।
