BJP विधायक रामसहाय वर्मा को उन्हीं के कार्यकर्ता ने घेरा: ‘जनता ने जिताया है, काम करना पड़ेगा’; माइक पकड़कर हुई तीखी बहस
भीम प्रज्ञा न्यूज़.टोंक/जयपुर। गांव में सड़क नहीं बनने से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने निवाई विधायक रामसहाय वर्मा को घेर लिया। एक कार्यकर्ता ने विधायक का हाथ पकड़ा और माइक को नीचे कर दिया। इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई। वीडीओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कार्रवाई की बात कही। इस पर विधायक ने कहा- मैं उसका इलाज कर दूंगा। ग्रामीणों ने कहा- लिख कर दे दीजिए। इसके बाद विधायक भड़क गए और बोले- तू ज्यादा समझदार है क्या? कार्यकर्ता ने खुद को भाजपा का पूर्व जिला मंत्री बताया और कहा- आप जनता के वोट से विधायक बने हो, जनता का काम करना पड़ेगा। काहे के विधायक हो। इस पर विधायक बार-बार पूछते रहे- पार्टी के लिए क्या काम किया है, कभी पार्टी का काम किया है क्या?
सड़क नहीं बनने का मुद्दा उठाया, विधायक से जवाब मांगा
दरअसल, भजनलाल सरकार के 2 साल पूरे होने पर भाजपा 10 से 25 दिसंबर तक सुशासन पखवाड़ा मना रही है। इस अभियान के तहत सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने भाजपा विधायक रामसहाय वर्मा शनिवार रात 7 बजे निवाई के बहड़ गांव पहुंचे थे।ग्रामीणों ने तेजाजी मंदिर से हनुमान चौधरी के कुएं तक सड़क नहीं बनने का मुद्दा उठाते हुए विधायक से जवाब मांगा। इस पर विधायक ने कहा- मुझे इस बारे में किसी ने अवगत नहीं कराया। ग्रामीणों ने कहा-भाजपा के पूर्व जिला मंत्री हनुमान चौधरी ने कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया है। इस पर विधायक बोले- मैं हनुमान चौधरी को नहीं जानता। ग्रामीणों ने कहा- आप नहीं जानते हो। उन्होंने यहां कि समस्याओं को लेकर आपको कई बार बताया है, उन्हें यहां बुलाएं क्या? इस पर विधायक ने कहा- बुला लो। कुछ देर बाद हनुमान चौधरी आए और कहा-कन्याशाला में शौचालय मरम्मत के नाम पर करीब डेढ़ लाख रुपए हड़प लिए, जबकि मरम्मत कार्य नहीं कराया।
चौधरी ने कहा- सरकार की ओर से शौचालय निर्माण के लिए दिए जाने वाले 12 हजार रुपए की राशि की जगह ग्राम विकास अधिकारी और सरपंच ने 1.5 लाख रुपए उठाकर गबन किया है। इस पर विधायक रामसहाय वर्मा ने कहा- ऐसा है तो मैं उसका इलाज कर दूंगा। सोमवार तक इसके खिलाफ कार्रवाई करवा दूंगा। इसके बाद ग्रामीण लिखित में देने के लिए अड़ गए। एक ग्रामीण ने कहा- आप लिखित में दे दीजिए। इस पर विधायक ने कहा- तू ज्यादा समझदार है क्या? हनुमान चौधरी ने विधायक का हाथ पकड़कर माइक नीचे कर दिया। इस दौरान पुलिस ने उसे रोका और विधायक से दूर रहने की नसीहत दी। माइक लेकर विधायक बोले- क्या काम किया है पार्टी में? इस पर हनुमान चौधरी ने कहा- जनता ने बनाया है विधायक आपको, आप काहे के विधायक हो। ये आपके नहीं, हमारे कार्यकर्ता हैं, आपके नहीं। आप तो चले जाओगे। इसके बाद विधायक ने कहा- चुनाव के टाइम कहां था, कहां था चुनाव के टाइम? इस पर चौधरी ने कहा- यहीं था चुनाव के टाइम बहड़ में, बूथ पर था।
ग्रामीणों की मांग जायज है, वीडीओ पर कार्रवाई होगी
पूरे घटनाक्रम को लेकर विधायक रामसहाय वर्मा ने कहा- विरोध करने वालों में आरएलपी के कार्यकर्ता शामिल थे। हालांकि ग्रामीणों की मांग जायज है। कीचड़ भरे रास्ते और सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग वीडीओ की कार्यशैली से नाखुश है। उसके खिलाफ शिकायत मिली है, जिसकी जांच कराई जाएगी।
यह कार्यकर्ताओं का अपमान, काम के लिए तो कहूंगा ही
हनुमान चौधरी ने कहा- मैं 2001 से बीजेपी का सक्रिय कार्यकर्ता हूं। इस कार्यकारिणी से पहले करीब 5 साल बीजेपी ओबीसी का जिला मंत्री रहा हूं। मैं पीएम मोदी को आदर्श मानता हूं। सड़क की समस्या को लेकर विधायक को गांव में लगे शिविर में बता चुका हूं। फिर भी कह रहे कि मैं हनुमान को जानता नहीं। यह कार्यकर्ताओं का अपमान है, काम के लिए तो कहूंगा ही। विचारधारा के विपरीत काम करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी
बीजेपी जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने बताया- विधायक से बहस के मामले में हनुमान चौधरी को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी। हनुमान पहले बीजेपी ओबीसी मोर्चा का जिला मंत्री रहा है। अभी पार्टी सदस्य तो है ही।चंद्रवीर सिंह चौहान ने कहा- मिल बैठकर पार्टी के स्तर पर बात की जाएगी। हम सब पार्टी की विचारधारा के अनुरूप कार्य करते हैं। यदि कोई भी पार्टी की विचारधारा के विपरीत कार्य करता है तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
