छोटे बच्चों के विकास में दादा-दादी एवं गुरुजनों का विशेष योगदान…….. संतोष देवी शर्मा
सुमेर मीणा
भीम प्रज्ञा न्यूज़.उदयपुरवाटीl शहर में पुरानी सब्जी मंडी के निकट स्थित शिशु वाटिका आदर्श विद्या मंदिर में मंगलवार को दादा-दादी सम्मेलन का आयोजन किया गया। मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन व सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में सेवानिवृत्ति प्रधानाचार्य द्वारका प्रसाद जांगिड़, सेवानिवृत्ति व्याख्याता मखनलाल मीणा, समाज सेविका इंदिरा देवी जोशी एवं वयोवृद्ध अभिभावक हरि सिंह बतौर अतिथि के रूप में उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन ,अतिथि परिचय व अतिथि स्वागत संस्था प्रधान श्याम सुंदर शर्मा द्वारा किया गया। दादा-दादी सम्मेलन में वक्ताओं ने अपने पोते पोती के सर्वांगीण विकास पर विचार व्यक्त किये। सेवानिवृत्ति पोस्टमास्टर संतोष देवी शर्मा ने बताया कि छोटे बच्चों के विकास में दादा-दादी व गुरुजनों का विशेष सहयोग रहता है , उनके हाथों में उज्जवल भविष्य छुपा हुआ है । लक्ष्मण राम सैनी एवं आंची देवी सैनी कोट निवासी ने अपनी पोती के विषय में बताया कि हमारी पोती को शिशु वाटिका में आने के बाद ही बोली आना शुरू हुई है l राम प्रताप जांगिड़, रामस्वरूप शर्मा ,पप्पू नाई, गौरीशंकर नेमीवाल ने बताया कि शिशु वाटिका में अच्छे संस्कार मिल रहे हैं, हमारे बच्चों में काफी सुधार है उन्होंने मोबाइल के विषय में बताया कि बालक मोबाइल की जिद करते हैं समझाने पर समझ भी जाते हैं। भैया प्रणीत झीरवाल के दादाजी एवं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सेवानिवृत्ति व्याख्याता मखनलाल मीणा ने कहा कि संस्कार का एक ही नाम है शिशु वाटिका आदर्श विद्या मंदिर, इन्होंने बताया कि 40 वर्ष की राजकीय सेवा से मैं सेवानिवृत्त हुआ हूं, मगर शिशु वाटिका जैसे संस्कार मैंने मेरी सेवाकाल में कहीं नहीं देखे। मेरा पोता घर से प्रणाम करके आता है दादा दादी को प्रणाम करता है ,बड़े बूढ़ो को सबको प्रणाम करता है। और पहले भोजन नहीं करता था अब यहां सामूहिक रूप से सबके साथ बैठकर भोजन करता है, तो घर में भी भोजन कर लेता है। और बहुत सुधार हो गया ,इन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावक एवं विद्यालय के गुरुजनों का विशेष योगदान बताया। सेवानिवृत्ति प्रधानाचार्य द्वारका प्रसाद जांगिड़ ने भैया बहिनों के सर्वांगीण विकास में माता पिता, दादा-दादी तथा गुरूजनो का विशेष सहयोग बताया। इन्होंने प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग नहीं करने की बात कही।साथ ही कहा कि परिवार जनों को सामुहिक रूप से एक जगह बैठ कर संध्या वंदन करना चाहिए। अपने छोटे छोटे पोते पोतियों को भी साथ रखना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ो की संख्या में छोटे-छोटे बच्चों के दादा-दादी मौजूद रहे। आचार्या दीदीयां कृष्णा शर्मा, अन्नपूर्णा स्वामी, गुड्डी सैनी, संगीता शर्मा, पूजा मीणा, सेवक किशनलाल आदि मौजूद रहे।
शांति पाठ के पश्चात कार्यक्रम का समापन किया गया। संस्था प्रधान श्याम सुंदर शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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