मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के 33 वें दीक्षांत समारोह में मिली उपाधि*
भीम प्रज्ञा न्यूज़.लक्ष्मणगढ़। सिंगोदडा ग्राम निवासी आस्था महरिया को मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय द्वारा 33 वें दीक्षांत समारोह में उनके द्वारा इतिहास विषय में किए गये शोध कार्य के लिए विद्या वाचस्पति की उपाधि से विभूषित किया गया है ।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे , विशिष्ट अतिथि गुलाब चन्द कटारिया राज्यपाल पंजाब एवं प्रशासक चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश , डॉ. प्रेमचंद बैरवा उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री राजस्थान सरकार एवं प्रो. मंजू बाघमार महिला अधिकारिता उपस्थित रहे । इस अवसर पर शोध निर्देशिका एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर प्रतिभा , कुलगुरू प्रोफ़ेसर भगवती प्रसाद सहित अन्य विभागीय प्रोफेसर , अधिकारी , कर्मचारी, शोधार्थी और दीक्षार्थी उपस्थित रहे ।उल्लेखनीय है कि आस्था महरिया ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय , उदयपुर के इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर प्रतिभा के निर्देशन में ” शेखावाटी क्षेत्र में विरासतीय पर्यटन : परिप्रेक्ष्य एवं संभावनाएं ” विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण किया था । इस शोध ग्रंथ में उनके द्वारा शेखावाटी क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक , सांस्कृतिक, पारिस्थितिकीय, विरासतीय स्थलों का विशद् अध्ययन किया है जिसमें मुख्य रूप से ऐतिहासिक सभ्यता स्थल , ऐतिहासिक किले एवं महल स्थापत्य , हवेली स्थापत्य, ऐतिहासिक कुएं तथा बावड़ियों साथ ही ऐतिहासिक आश्रमों आदि का विस्तृत अध्ययन किया है । महरिया ने अपने शोध प्रबंध में शेखावाटी क्षेत्र की विरासत परंपरा के उद्भव और विकास क्रम की व्याख्या करते हुए विरासतीय पर्यटन से तात्पर्य, शेखावाटी क्षेत्र की विरासतीय परंपरा एवं उसका उद्भव का अध्ययन करने के साथ ही शेखावाटी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासतीय स्थलों का संरक्षण , संवर्धन और विकास के नीतिगत उपायों तथा विरासत स्थलों का विधिक संरक्षण जैसे मूल विषय पर अध्ययन किया है।
