सुमेर मीणा
भीम प्रज्ञा न्यूज़.उदयपुरवाटी।
अरावली चेतना संस्थान सेवा समिति व अरावली संघर्ष समिति उदयपुरवाटी की तरफ से उपखंड अधिकारी को सोमवार को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री भारत सरकार से मांग की गई कि अरावली भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला है जो लगभग 2.5 अरब साल विश्व की पुरानी प्रर्वत है जो हिमालय पर्वत से भी पुरानी मानी जाती है, वह अपने अस्तित्व की गंभीर लड़ाई लड़ रही है आज तक अरावली ने कई सभ्यताओं को जन्म दिया है सभ्यताएं फली फूली हैं हाल ही में भारत के सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि अरावली पर्वत और पहाड़ियां जो 100 मीटर से अधिक को ही अरावली क्षेत्र माना है, जो मात्र057 प्रतिशत क्षेत्र है,उनको पहाड़ मानने की प्रशासनिक प्रवृत्ति सामने आई है जिससे अरावली का विशाल भू भाग90-92 प्रतिशत हिस्सा कानूनी संरक्षण खो देगा। अरावली की चट्टानी संरचना वर्षा जल को रोककर उसे जमीन में समाहित रखने की अद्भुत क्षमता रखती है। पश्चिमी राजस्थान के लिए अरावली का कमजोर होना सूखे को स्थायी बना देगा तथा दिल्ली, मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा दक्षिणी भारत को भी मरुस्थल बना देगी तथा अरावली से निकलने वाली सभी नदियां सुख जाएंगी जिससे सूखे की चपेट में ये सभी पांचों राज्य आयेंगे।तथा भारत की संरचना को गंभीर चोट पहुंचेगी जिससे जलवायु परिवर्तन होना स्वाभाविक है।प्राकृतिक संस्थान समाप्त हो जाएंगे। इस अवसर पर वक्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार को चेताया कि अरावली का दोहन राजस्थान वासी नहीं होने देगा। अरावली पर हमला हमारे राजस्थानियों के घर पर हमला माना जायेगा तथा पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव को लोगों ने कटघरे में खड़ा करते हुए कहा की यादव को अलवर की जनता ने जिताया है वो किसी अदानी अंबानी के लिए नहीं जीते हैं जो अरावली पर जनता को दरकिनार करके सरकार की हां में हां कर रहे हैं। सरकार वतानुकूलित कमरों में बैठाकर हमारे अरावली का फैसला नहीं कर सकती अरावली हमारा राजस्थानियों का घर है। केंद्र की मोदी सरकार अदानी अंबानी को अरावली का प्राकृतिक दोहन नहीं करने देंगे। सरकार को अपना फैसला वापिस लेना होगा तथा सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात कहनी होगी और अरावली पर शिकंजा कसने का षड्यंत्र कर रही है उस पर पीछे हटना होगा। अरावली राजस्थानियों स्वाभिमान का प्रश्न है अरावली ने आज तक राजस्थानियों की रक्षा की है। इस अवसर पर संयोजक के.के.सैनी ने कहा कि इस सप्ताह गांव-गांव अभियान-अरावली बचाओ आपके द्वार व अभियान-जन जागृति आपके द्वार के स्लोगन के तहत मीटिंग कर, यही हालात रहें तो सप्ताह भर बाद में एक बड़ी रैली कर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। के के सैनी बताया कि अरावली से संबंधित फैसले पर पुनर्विचार समीक्षा याचिका हेतु सुप्रीम कोर्ट से भी आग्रह किया गया है। इस अवसर ज्ञापन कार्यक्रम में एडवोकेट केके सैनी उदयपुरवाटी, संयोजक अरावली चेतना संस्थान सेवा समिति के नेतृत्व में एसडीएम की अनुपस्थिति में उनके पीए को दिया गया है, जिसमें मोहन लाल अध्यक्ष, राकेश जमालपुरिया पार्षद प्रतिनिधि, श्याम लाल पार्षद, अजय तसीड पार्षद, एडवोकेट मोती लाल सैनी, एडवोकेट हंस राज कबीर, लीगल इंचार्ज महासचिव, नथू राम जल संघर्ष समिति अध्यक्ष, एडवोकेट राकेश कुमार लिगल सेल अध्यक्ष, बुद्ध राम सुबेदार बजावा पूर्व सरपंच, रमेश सैनी सरपंच प्रतिनिधि बागोरा,जयंत मूड अध्यक्ष मरू सेना मूल चंद पूर्व सरपंच पौंख, हंसा वर्मा ब्लाक अध्यक्ष महिला, दोस्त रसगणिया बजावा, भूरा राम छापोली, सुनिल शेरावत पंच कोट, राजू वर्मा, बाबु लाल चंवरा महासचिव, सांवर मल खटाना अध्यक्ष इकाई ककराना, एडवोकेट मुकेश सैनी, शैलेन्द्र जाट, सुभाष भाकर, भवानी शंकर आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहें।
