डूमोली कलां में शहीद ईश्वर सिंह की प्रतिमा का अनावरण, वीरों को दी श्रद्धांजलि।
सांसद ओला बोले— सैनिकों की बदौलत झुंझुनूं दुनिया में सिरमौर, वीरों की धरती पर देशभक्ति की मिसाल
भीम प्रज्ञा न्यूज सिंघाना।
गांव डूमोली कलां में शनिवार को भारतीय सेना की छह पैरा फोर्स के शहीद कमांडो ईश्वर सिंह गुर्जर की प्रतिमा अनावरण समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों की बड़ी उपस्थिति के बीच शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
अतिथियों ने किया प्रतिमा अनावरण
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद विजेन्द्र सिंह ओला रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में नांगल चौधरी विधायक मंजू चौधरी, विजय सिंह बैसला, शकुंतला रावत तथा जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सुरेश जांगिड़ उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता विधायक श्रवण कुमार ने की। इसके अतिरिक्त पूर्व प्रधान मदन लाल गुर्जर सहित अनेक गणमान्य जन मौजूद रहे।
समारोह की शुरुआत अतिथियों द्वारा विधिवत रूप से शहीद ईश्वर सिंह की प्रतिमा का अनावरण कर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई।
झुंझुनूं वीरों की भूमि—ओला
मुख्य अतिथि सांसद विजेन्द्र सिंह ओला ने अपने संबोधन में कहा कि झुंझुनूं जिला वीरों की भूमि के नाम से जाना जाता है। यहां बच्चों को बचपन से ही देश सेवा और बलिदान की प्रेरणा दी जाती है। उन्होंने कहा कि झुंझुनूं के सैनिकों की बदौलत यह जिला दुनिया में सिरमौर बना हुआ है।
वीर शहीद राष्ट्र के गौरव— श्रवण कुमार
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार ने कहा कि देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योद्धा हम सभी के लिए पूजनीय हैं। किसी भी मांगलिक कार्य में सबसे पहले ऐसे वीरों का स्मरण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी देश की सीमाओं पर हलचल होती है, झुंझुनूं जिले के सैनिक अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अदम्य साहस का परिचय देते हैं।
शहीद ईश्वर सिंह का संक्षिप्त जीवन परिचय
शहीद कमांडो ईश्वर सिंह गुर्जर, पुत्र लीलाधर गुर्जर, भारतीय सेना की छह पैरा कमांडो यूनिट में तैनात थे और उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के डोडा क्षेत्र में थी। दिसंबर 2024 में छुट्टी पूरी कर वे ड्यूटी पर लौटे थे। ड्यूटी के दौरान अचानक बर्फबारी में नाले में गिरने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान 8 जनवरी 2025 को उन्होंने वीरगति प्राप्त की।
शहीद ईश्वर सिंह तीन भाइयों में मंझले थे। उनके परिवार में बेटियां प्रिया व ज्योति तथा पुत्र आकाश हैं। उन्होंने वर्ष 2002 में बैंगलोर से सिपाही के पद पर भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा की शुरुआत की थी।
ग्रामीणों ने रखी विकास संबंधी मांगें
समारोह के दौरान ग्रामीणों ने गांव में सड़क निर्माण तथा शहीद स्मारक स्थल पर पानी व बिजली की स्थायी व्यवस्था की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा।
बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर पूर्व प्रधान विमला गुर्जर, जगदीश गुर्जर, कैप्टन केसर देव, जतन गुर्जर, डीपी सैनी, सत्यवीर दौराता, शमशेर चौधरी, मनोज श्योराण, योगेश गुर्जर, डॉ. शीशराम गुर्जर, जय सिंह, अशोक, रामकिशन, रमेश, संत कुमार, रामेश्वर, धर्मपाल, जेपी खटाना, प्रकाश भरगड़, ख्यालीराम रोजड़ा सहित अनेक ग्रामीण व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
समारोह देशभक्ति, सम्मान और बलिदान की भावना से ओतप्रोत रहा, जहां पूरे गांव ने एक स्वर में शहीद ईश्वर सिंह गुर्जर को नमन करते हुए उनके बलिदान को सदा स्मरणीय बनाए रखने का संकल्प लिया।
