दिसनाऊ में आयोजित प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण में 25 किसानों ने सीखे व्यावहारिक गुर
भीम प्रज्ञा न्यूज़.लक्ष्मणगढ़।
दिसनाऊ गांव में किसानों को रासायनिक खेती से मुक्त कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। बजाज फाउंडेशन की ओर से आयोजित उक्त कार्यशाला में गांव के 25 किसानों ने भाग लिया।कार्यक्रम किसान सूर्य प्रकाश शर्मा के खेत पर आयोजित हुआ। प्राकृतिक खेती के मास्टर ट्रेनर अरुण कुमार शर्मा ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व, लाभ और व्यावहारिक पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से खेती की लागत घटती है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और उपज स्वास्थ्यवर्धक व सुरक्षित होती है। यह पद्धति पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है।प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जीवामृत, घन जीवामृत, बीजामृत जैसे प्राकृतिक इनपुट्स के साथ-साथ नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र व अग्नियास्त्र जैसे प्राकृतिक कीट नियंत्रण उपायों की जानकारी दी गई। देसी गाय आधारित खेती, मिट्टी में जीवांश बढ़ाने तथा फसलों की प्राकृतिक देखभाल के तरीकों पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान अपने परिवार के लिए अनाज, सब्जी एवं अन्य खाद्य सामग्री स्वयं उत्पादन कर सकते हैं, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। इस अवसर पर बजाज फाउंडेशन सीकर के कार्यक्रम अधिकारी मोहन दोगाया ने कहा कि फाउंडेशन किसानों को टिकाऊ, लाभकारी व पर्यावरण-अनुकूल खेती से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।कार्यशाला के अंत में किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प लिया।
