शिक्षा का उजास फैलाने वाले महान समाज सुधारक शेर सिंह नेहरा
भीम प्रज्ञा न्यूज़@हरेश पंवार.पचेरी।
शिक्षा, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में अमिट योगदान देकर समाज को नई दिशा देने वाले नोबल एजुकेशन ग्रुप के संस्थापक एवं महान समाज सुधारक स्वर्गीय शेर सिंह नेहरा की चतुर्थ पुण्यतिथि आज श्रद्धा, सम्मान और भावपूर्ण स्मरण के साथ मनाई जा रही है। इस अवसर पर उनके स्मारक स्थल नोबल एजुकेशन संस्थान, देवलावास में प्रतिवर्ष की भांति श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहां शिक्षा प्रेमियों, ग्रामीणजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें नमन किया।स्वर्गीय शेर सिंह नेहरा का जन्म 15 अगस्त 1947 को ग्राम देवलावास में हुआ था। उन्होंने हरियाणा सरकार में लोक जनसंपर्क अधिकारी के पद पर रहते हुए न केवल प्रशासनिक सेवाएं दीं, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्व को भी पूरी निष्ठा से निभाया। जहां शिक्षा का अभाव था, वहां शिक्षा का उजास फैलाना ही उनके जीवन का संकल्प बन गया। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए उन्होंने ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में नोबल एजुकेशन ग्रुप की नींव रखी और शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाया। उनका निधन 17 जनवरी 2022 को हुआ, लेकिन उनके विचार और कार्य आज भी समाज को दिशा दे रहे हैं।
उनके अधूरे सपनों और विचारों को आगे बढ़ाने का कार्य उनके सुपुत्र एवं नोबल एजुकेशन ग्रुप के निदेशक इंजीनियर संदीप नेहरा द्वारा पूरी प्रतिबद्धता से किया जा रहा है। प्रतिभाओं का सम्मान, बुजुर्गों का आशीर्वाद, किसान सम्मेलन के माध्यम से अन्नदाता का गौरव, श्रमिक सम्मान अभियान तथा युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन—ये सभी पहल उनके पिता की विचारधारा का जीवंत उदाहरण हैं।

स्वर्गीय नेहरा का जीवन सरलता, सादगी और समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा। वे दृढ़ता से मानते थे कि शिक्षा ही ऐसा साधन है, जो बिना किसी स्वार्थ के समाज को सशक्त बना सकती है। इसी जुनून में उन्होंने नौकरी से त्यागपत्र दिया और अपने पुत्र के साथ पैतृक गांव लौटकर शिक्षा के माध्यम से सामाजिक नवजागरण का बीड़ा उठाया। उस समय देवलावास क्षेत्र शिक्षा में पिछड़ा हुआ था, लेकिन आज वही क्षेत्र शिक्षा के मानचित्र पर एक नई पहचान बना चुका है। लेखन, पर्यावरण संरक्षण और किसानों के प्रति उनकी वैज्ञानिक सोच भी उल्लेखनीय रही। वे किसानों को इलेक्ट्रोड छड़ के माध्यम से भूगर्भ जल स्तर का अनुमान लगाकर कुएं खोदने की निशुल्क सलाह दिया करते थे। पेड़-पौधारोपण, स्वच्छता अभियान और प्रकृति संवर्धन में उनकी सक्रिय भूमिका आज भी प्रेरणास्रोत है।
आज देवलावास से पचेरी सड़क मार्ग पर स्थित नोबल प्लेग्राउंड में बना उनका भव्य स्मृति मंच आने वाली पीढ़ियों को दिशा और दशा बदलने का संदेश देता है। स्वर्गीय शेर सिंह नेहरा द्वारा किए गए सामाजिक कार्य आज भी समाज को सुगंधित कर रहे हैं और उनके विचार समय के साथ और अधिक प्रासंगिक होते जा रहे हैं। भीम प्रज्ञा पाठक परिवार की ओर से ऐसे महान शिक्षाविद्, समाज सुधारक और प्रेरणापुरुष को चतुर्थ पुण्यतिथि पर भावभीनी शाब्दिक श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। उनकी स्मृतियां सदैव हमें शिक्षा, सेवा और समर्पण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहेंगी।
