संविधान, संस्कृति और सृजनशीलता का संगम बना समारोह
संविधान, संस्कृति और सृजनशीलता का संगम बना समारोह
भीम प्रज्ञा न्यूज़ | पचेरी।
शांति इंटरनेशनल स्कूल, पचेरी बड़ी में 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक समारोह देशभक्ति, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का सशक्त मंच बन गया। विद्यालय प्रांगण में आयोजित इस भव्य आयोजन में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और वक्ताओं के विचारों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रीय चेतना से ओत-प्रोत कर दिया।
प्रो. आर.पी. यादव रहे मुख्य अतिथि
समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रोफेसर आर.पी. यादव रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व रक्षा वैज्ञानिक ओपी यादव ने की। विशिष्ट अतिथियों में विद्यालय के निदेशक सुमेर सिंह यादव, एडवाइजर एवं हरियाणा शिक्षा विभाग के पूर्व अधिकारी महावीर प्रसाद यादव, विद्यालय के चेयरमैन जगदेव सिंह तथा दैनिक भीम प्रज्ञा के संपादक एडवोकेट हरेश पंवार सहित अनेक गणमान्यजन मंचासीन रहे।
विद्यार्थियों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत नाटक, लोकनृत्य, कविता पाठ और ओजस्वी भाषणों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों में भारत की आज़ादी, संविधान की गरिमा और राष्ट्रीय एकता का जीवंत चित्रण देखने को मिला, जिसे उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गूंज के साथ सराहा।
“हर बच्चा अफसर नहीं, लेकिन प्रतिभाशाली जरूर होता है” — प्रो. आर.पी. यादव
मुख्य अतिथि प्रोफेसर आर.पी. यादव ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि आज की शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री और नौकरी नहीं, बल्कि बच्चों के सृजनात्मक, व्यवहारिक और नवाचारी कौशल का विकास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बनता, लेकिन वह एक अच्छा कलाकार, खिलाड़ी या जिम्मेदार नागरिक अवश्य बन सकता है। आवश्यकता है उसकी प्रतिभा को पहचान कर सही दिशा देने की।
उन्होंने कुछ संस्थानों में राष्ट्रीय पर्वों के औपचारिक आयोजन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों को संवेदनशील और अर्थपूर्ण बनाया जाना चाहिए।
संविधान ही विविधताओं को जोड़ने वाली डोर — एडवोकेट हरेश पंवार
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एडवोकेट हरेश पंवार ने देशभक्ति, संविधान और राष्ट्रीय एकता पर सारगर्भित विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत की विविधताओं को एक सूत्र में बांधने का कार्य भारतीय संविधान करता है। संविधान निर्माण के दौरान आई चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा—
“हस्ती मिटती नहीं हमारी, सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा।”
अच्छे नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की नींव — ओपी यादव
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व रक्षा वैज्ञानिक ओपी यादव ने कहा कि शिक्षा का अंतिम उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि अच्छे, नैतिक और जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान चाहे कितना ही श्रेष्ठ क्यों न हो, यदि उसे मानने वाले लोगों की आत्मा शुद्ध नहीं होगी तो उसके मूल्यों की रक्षा संभव नहीं है।
उन्होंने वैज्ञानिक सोच, तार्किक दृष्टिकोण और संस्कारित शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देना हमारा लक्ष्य — सुमेर सिंह यादव
विद्यालय के निदेशक सुमेर सिंह यादव ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, वार्षिक परीक्षा परिणामों एवं भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि शांति इंटरनेशनल स्कूल का उद्देश्य विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास के साथ-साथ उनकी बहु-प्रतिभाओं को निखार कर उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराना है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संकल्पबद्ध — जगदेव सिंह
विद्यालय के चेयरमैन जगदेव सिंह ने कहा कि शांति इंटरनेशनल स्कूल क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। टीमवर्क और समर्पण का ही परिणाम है कि विद्यालय ने ग्रामीण अंचल की छिपी प्रतिभाओं को आगे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
देशभक्ति के रंग में रंगा विद्यालय परिसर
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। समूचा वातावरण देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और संविधान के प्रति श्रद्धा से सराबोर नजर आया।
