ऑपरेशन सिंदूर के शहीद सार्जेंट सुरेंद्र मोगा को भावभीनी श्रद्धांजलि, गांव ने गर्व से किया नमन
देशभक्ति के माहौल में शहीद सुरेंद्र मोगा अमर रहें के लगे जयकारे,
वीरांगना सहित परिवार का हुआ सम्मान, पहली पुण्यतिथि पर मेहरादासी में उमड़ा जनसैलाब
पवन कुमार शर्मा
भीम प्रज्ञा न्यूज.मंडावा।
उपखंड क्षेत्र के गांव मेहरादासी में रविवार को ऑपरेशन सिंदूर के वीर शहीद सार्जेंट सुरेंद्र मोगा की प्रथम पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीद सुरेंद्र मोगा की प्रतिमा एवं स्मारक का विधिवत अनावरण और लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सेना के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी तथा ग्रामीण मौजूद रहे। पूरे गांव में देशभक्ति, गर्व और सम्मान का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सैनिक कल्याण बोर्ड सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर रहे, जबकि अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुल्हारी ने की। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व सांसद संतोष अहलावत, पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़, झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू, पूर्व प्रधान सुशीला सिंगडा, पूर्व प्रधान गिरधारीलाल खीचड़, भाजपा सीकर प्रभारी वरिष्ठ नेता दिनेश धाभाई, जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग, राष्ट्रीय परिषद सदस्य विशंभर पूनिया, शिक्षाविद हरलाल मोगा, राजेश मोगा तथा भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष इंजी. प्यारेलाल ढूकिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारी ग्रुप कैप्टन विनय भारद्वाज, ग्रुप कैप्टन प्रदीप कुमार, मंडावा तहसीलदार डॉ. सुरेंद्र भास्कर सहित कई सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अतिथियों ने शहीद की वीरांगना सीमा देवी, पुत्री कृतिका, पुत्र दक्ष एवं माता नानू देवी का शॉल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।

मुख्य अतिथि प्रेम सिंह बाजोर ने अपने संबोधन में कहा कि शहीद केवल किसी परिवार या गांव के नहीं होते, बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर होते हैं। उन्होंने कहा कि शहीद देवताओं के समान पूजनीय हैं और हमें हर खुशी तथा हर अवसर पर उन्हें याद कर नमन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर कभी मरते नहीं, बल्कि सदैव अमर रहते हैं।
अध्यक्षता कर रही भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुल्हारी ने कहा कि शहीद सुरेंद्र मोगा ने अपने साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान से पूरे राजस्थान का नाम गौरवान्वित किया है। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। पूर्व सांसद संतोष अहलावत ने कहा कि मेहरादासी गांव को अपने वीर सपूत पर गर्व है। देश की रक्षा के लिए दिया गया यह सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़ ने कहा कि शहीदों की बदौलत ही देश सुरक्षित है और हमें उनके परिवारों के सम्मान एवं सहयोग के लिए सदैव आगे रहना चाहिए। झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू ने कहा कि शहीद सुरेंद्र मोगा ने अंतिम सांस तक अपने साथियों की सहायता कर कर्तव्यपरायणता की मिसाल पेश की। उनका बलिदान सदैव देशवासियों के दिलों में अमर रहेगा। कार्यक्रम में उपस्थित प्रशासनिक एवं सैन्य अधिकारियों ने भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस और सेवा भावना को नमन किया। समारोह के दौरान भारत माता के जयकारों और शहीद सुरेंद्र मोगा अमर रहें के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
परिवार में आज भी जिंदा है देशभक्ति का जज्बा
गांव मेहरादासी में आज भी शहीद सुरेंद्र मोगा का नाम गर्व और सम्मान के साथ लिया जाता है। परिवार के दर्द में भी देशभक्ति का जज्बा साफ दिखाई देता है। शहीद की पत्नी सीमा देवी आज भी उनकी यादों के सहारे परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही हैं। उनके दो बच्चे पुत्री कृतिका कक्षा 7 तथा पुत्र दक्ष कक्षा 3 में अध्ययनरत हैं। साथ ही वे अपनी सास नानू देवी की भी देखभाल कर रही हैं।
तीन बहनों के इकलौते भाई सुरेंद्र मोगा ने हमेशा परिवार और देश दोनों के प्रति अपनी जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभाईं। भारतीय वायुसेना ने भी उनकी स्मृति को सम्मान देते हुए दिल्ली स्थित एयरफोर्स सेंट्रल मेडिकल एस्टेब्लिशमेंट में एक हॉल का नाम “सुरेंद्र हॉल” रखा है। बीते वायुसेना दिवस पर उनकी वीरांगना और बच्चों को सम्मानित भी किया गया था।
अदम्य वीरता का प्रतीक थे सार्जेंट सुरेंद्र मोगा
सार्जेंट सुरेंद्र मोगा भारतीय वायुसेना में वर्ष 2010 में भर्ती हुए थे। वर्ष 1990 में जन्मे सुरेंद्र मोगा जम्मू-कश्मीर के उधमपुर स्थित 39 विंग एयरफोर्स स्टेशन पर कॉम्बैट मेडिक के रूप में कार्यरत थे। 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन की बमबारी में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस तक अपने साथियों की सहायता जारी रखी और कर्तव्य निभाते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। वे ऑपरेशन सिंदूर में शहीद होने वाले भारतीय वायुसेना के एकमात्र वायु योद्धा तथा राजस्थान के भी एकमात्र शहीद रहे। उनकी अदम्य वीरता, निडरता और कर्तव्यनिष्ठा को सम्मान देते हुए भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस 2025 की पूर्व संध्या पर उन्हें मरणोपरांत “वायु सेवा मेडल (मिलिट्री)” से सम्मानित किया था। इससे पहले 12 अगस्त 2025 को तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह भी उनके निवास पहुंचे थे और परिजनों का सम्मान कर श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
अमर शहीद सार्जेंट सुरेंद्र मोगा की प्रतिमा का अनावरण;
गांव मेहरादासी के लाड़ले और ऑपरेशन सिंदूर के हीरो, वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित शहीद सार्जेंट सुरेंद्र मोगा की प्रतिमा का भव्य अनावरण समारोह रविवार को देशभक्ति के ज्वार के साथ संपन्न हुआ। इस गौरवमयी अवसर पर भारतीय सेना व वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों, राजनेताओं और हजारों की संख्या में आमजन ने शहीद को नमन किया।
प्रेम सिंह बाजोर की बड़ी घोषणाएँ
समारोह के मुख्य अतिथि एवं सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर ने शहीद के प्रति गहरी श्रद्धा प्रकट करते हुए घोषणा की कि शहीद की इस भव्य प्रतिमा के निर्माण का खर्च उनके द्वारा व्यक्तिगत रूप से वहन किया गया है। इसके साथ ही, उन्होंने शहीद परिवार को संबल देते हुए विश्वास दिलाया कि वे शहीद वीरांगना सीमा मोगा को नायब तहसीलदार के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दिलवाने के लिए पूर्ण प्रयास करेंगे और इसका ठोस आश्वासन दिया।
सैन्य अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति विशेष आकर्षण रही। लेफ्टिनेंट जनरल सतपाल कटेवा और लेफ्टिनेंट जनरल केके रेपसवाल ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके शौर्य को युवाओं के लिए मार्गदर्शक बताया। साथ ही, वायुसेना की ओर से एयर फोर्स स्टेशन जयपुर के स्टेशन कमांडर ग्रुप कैप्टन विनय भारद्वाज अपने एयरवोरियर्स के दल के साथ पहुंचे। दिल्ली से ग्रुप कैप्टन प्रदीप ने वायुसेना अध्यक्ष के प्रतिनिधि के रूप में शिरकत की।
शहीद परिवार का भावपूर्ण सम्मान
समारोह के दौरान शहीद की माता नानू देवी, वीरांगना सीमा मोगा और शहीद के बच्चों वर्तिका व दक्ष का मंच पर सार्वजनिक अभिनंदन और सम्मान किया गया। विभिन्न पूर्व सैनिक संगठनों ने भी शहीद परिवार के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
स्वागत, अभिनंदन एवं आभार
समारोह में प्यारेलाल मोगा, शिवचंद मोगा, रवि मोगा, संजीव मोगा, रामनिवास मिल, इंद्राज मिल और राहुल मिल ने सभी आगंतुकों का स्वागत और अभिनंदन किया। मंच का सफल संचालन हरीश हिंदुस्तानी और विजय हिन्द जालिमपुरा ने किया। शहीद के भाई राजेश मोगा ने सभी सैन्य अधिकारियों, अतिथियों और जनसैलाब का हृदय से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर शहीद को श्रद्धांजलि दी गई। भारत माता के जयकारों ओर राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।



