इथियोपिया ज्वालामुखी विस्फोट LIVE: राख का गुबार दिल्ली तक पहुंचा, कई उड़ानें रद्द – देशभर में असर
By Bheem Pragya News
इथियोपिया के हैली गुब्बी (Hayli Gubbi) ज्वालामुखी के हज़ारों साल बाद हुए विस्फोट का असर भारत तक दिखाई दे रहा है। सोमवार रात करीब 11 बजे इसकी राख का घना गुबार दिल्ली पहुंचा, जो गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा के ऊपर से होकर गुजरा। मौसम विभाग के अनुसार, यह बादल अब पूर्वी भारत की ओर बढ़ रहा है और शाम तक देश से बाहर निकल जाएगा।
मुख्य अपडेट
फोटो में दिखा राख और स्मॉग का अंतर
सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हुई है जिसमें इथियोपिया से आई राख की परत और दिल्ली के स्मॉग की परत के बीच साफ अंतर दिख रहा है।
राख भारत तक कैसे पहुंची?
IMD प्रमुख डॉ. मृत्युंजय मोहपात्रा ने बताया कि राख का गुबार इथियोपिया से यमन और ओमान की ओर बढ़ा, फिर अरब सागर होते हुए गुजरात–राजस्थान पहुंचा और देर रात दिल्ली के ऊपर आ गया।
अब यह चीन की ओर बढ़ रहा है।
कितने समय तक भारत पर असर रहेगा?
IMD के अनुसार राख 10 किमी से अधिक ऊँचाई पर है, इसलिए जमीन पर प्रदूषण में खास बढ़ोतरी नहीं होगी।
बादल शाम 7:30 बजे तक भारत से निकल जाएगा।
क्या दिल्ली का प्रदूषण बढ़ेगा?
राख जमीन से काफी ऊँचाई पर है, इसलिए AQI पर इसका प्रभाव बहुत कम बताया गया है।
लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं—Air India और Akasa Air ने कई उड़ानें रद्द कर दीं।
DGCA की एडवाइजरी
DGCA ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि—
- राख से किसी भी तरह की टक्कर की आशंका हो तो तुरंत रिपोर्ट करें
- इंजनों और केबिन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर सतर्क रहें
- रनवे और टैक्सीवे की जांच लगातार जारी रखें
दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानें देर से, कई रद्द
इंडिगो, Air India, Akasa Air सहित कई एयरलाइंस ने उड़ानें रद्द कीं।
हांगकांग, दुबई, हेलसिंकी, फ्रैंकफर्ट, काबुल समेत कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें देरी से चलीं।
Air India ने 11 उड़ानें रद्द कीं—7 अंतरराष्ट्रीय, 4 घरेलू।
राख का गुबार अब भारत से बाहर निकल रहा है
IndiaMetSky Weather के अनुसार राख का बादल अब उत्तर भारत से हटना शुरू हो गया है और ऊपरी वायुमंडल में फैलता हुआ चीन की ओर जा रहा है।
गुजरात–राजस्थान–दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित
मॉडल्स के अनुसार इन राज्यों के ऊपर राख की परत सबसे ज्यादा दिखी।
बादल में मुख्य रूप से सल्फर डाइऑक्साइड और हल्की मात्रा में ज्वालामुखीय धूल है।
क्या राख गिरने (Ashfall) की संभावना है?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक—
- मैदानी क्षेत्रों में राख गिरने की संभावना बहुत कम है
- कुछ पर्वतीय इलाकों में सल्फर डाइऑक्साइड के स्तर बढ़ सकते हैं
राख का बादल 100–120 किमी/घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है
यह बादल 15,000 से 25,000 फीट की ऊंचाई पर, तेज हवाओं के साथ भारत के ऊपर से गुजर रहा है।
इथियोपिया में विस्फोट के बाद क्या हुआ?
Afar क्षेत्र के गांवों के लोगों ने बताया—
“अचानक जोरदार धमाके जैसा लगा, धुआँ और राख आसमान में फैल गई,” एक स्थानीय ने कहा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पाकिस्तान रूट से जा रहीं
कुछ विदेशी एयरलाइंस ने पाकिस्तान के रूट से उड़ानें मोड़ दी हैं, लेकिन भारतीय विमान इस रूट का उपयोग नहीं कर सकते, जिससे अतिरिक्त दबाव पड़ा।
कौन-कौन से राज्य प्रभावित हुए?
राख ने इन क्षेत्रों के ऊपर से सफर किया—
- राजस्थान
- गुजरात
- महाराष्ट्र
- दिल्ली–NCR
- पंजाब
- हरियाणा
कुछ जगह दृश्यता कम हुई और हवाई यातायात बाधित हुआ।
निष्कर्ष
इथियोपिया में हुए ज्वालामुखी विस्फोट का भारतीय आसमान पर असर दिखा है, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदूषण में खास बढ़ोतरी की आशंका नहीं है।
उड़ानों पर इसका असर जारी है, हालांकि राख का गुबार शाम तक भारत से पूरी तरह हट जाएगा।
