सोहनलाल परिहार
भीम प्रज्ञा न्यूज़.बीकानेर। कोलायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत झझू को हाल ही में हुए प्रशासनिक परिसीमन के दौरान दूसरी पंचायत समिति में शामिल करने के निर्णय के खिलाफ गांव के लोगों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को झझू सरपंच घमू राम के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक ग्रामीण बीकानेर कलेक्ट्रेट पहुँचे और जिला कलेक्टर तथा अतिरिक्त जिला कलक्टर (एडीजी) को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने माँग की है कि झझू को किसी अन्य पंचायत समिति में शामिल न किया जाए। उनके विरोध के मुख्य रूप से भौगोलिक और विकास की स्थिति के कारण ग्रामीणों ने कहा कि झझू को किसी अन्य पंचायत समिति में शामिल करना भौगोलिक स्थिति से उचित नहीं है, और इससे विकास की गतिविधियाँ प्रभावित होंगी।
राजनीतिक उद्देश्य का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है, जिसका सीधा नुकसान झझू की जनता को उठाना पड़ेगा।
* दूरी की समस्या: ग्रामीणों ने दूरी को प्राथमिकता देते हुए तर्क दिया कि झझू से कोलायत की दूरी मात्र 10 किलोमीटर है। यदि उन्हें दूसरी पंचायत समिति में जोड़ा जाता है, तो उन्हें प्रशासनिक कार्यों, उपखंड अधिकारी कार्यालय, विद्युत विभाग, जलदाय विभाग, यूआईटी/पीड़ी और पुलिस संबंधी कार्यों के लिए ज्यादा दूर जाना पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों का नुकसान होगा।
* समिति गठन पर सवाल: सरपंच प्रशासक घमू राम ने नई ग्राम पंचायत की पंचायत समिति के गठन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक नई पंचायत समिति के लिए 15 ग्राम पंचायतों की आवश्यकता होती है, जबकि बिना किसी औचित्य के 18 ग्राम पंचायतें जोड़ दी गई हैं। इससे झझू सहित कई गाँवों को अनावश्यक रूप से झझू से जोड़ा गया है।
📣 प्रदर्शन और चेतावनी
ज्ञापन देने और प्रदर्शन में झझू प्रशासक घमू राम नायक, युवा नेता भंवर सिंह बाला, मोहन लाल कांटिया, भंवर लाल गोदारा, प्रताप राम कांटिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
वार्ड पंच प्रतिनिधि और सदस्य: ईश्वर राम नायक, बिहारीलाल पुरोहित, चत्राराम कांटिया, मांगीलाल जीनगर, दुली चंद मेघवाल। अन्य प्रमुख ग्रामीण: एडवोकेट किशन गोपाल मेघावाल, महावीर सेठिया, फ़रीद ठेकेदार, हसन ठेकेदार, शिवचंद भार्गव, महावीर जीनगर, शिवलाल जीनगर, गोपीराम कांटिया, ओमप्रकाश जीनगर, आदर्श युवा संगठन के अध्यक्ष रुपेश जीनगर, कालू खां कसाई, गणेश भार्गव आदि मौजूद रहे। उन्होंने कलेक्ट्रेट ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया और नारेबाजी की, जिसमें उनकी मुख्य मांग थी कि “हमें पंचायत समिति श्री कोलायत में ही रखा जाए, जिससे हमारे गाँव का विकास हो सके।” ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द यह निर्णय वापस नहीं लेता है, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
