भीम प्रज्ञा न्यूज़.पचेरी।
सिंघानिया विश्वविद्यालय में डिपार्टमेंट ऑफ मैथेमेटिक्स द्वारा, नेशनल मैथेमेटिक्स डे मनाया गया। यह दिन गणित के महान विचारक श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिन को याद करते हुए मनाया जाता है। कार्यक्रम का आरम्भ सभी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन व पुष्पांजलि अर्पण द्वारा किया गया। सिंघानिया विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग के विद्यार्थियों ने विद्यार्थी जीवन में मैथ्स के अलग अलग पक्ष को अपने डांस के माध्यम से सबके सामने प्रस्तुत किया। सिंघानिया विश्वविद्यालय के अकादमिक निदेशक डॉ. एस.के दूबे ने कहा कि रामानुजन एक महान और प्रभावशाली व्यक्तित्व थे। उन्होंने लगभग 13- 14 साल की कम उम्र में ही गणित के कई सूत्र दिए। अपने व्यक्तव्य में आगे एस. के दूबे कहते हैं कि हमारा दिन ही मैथ्स से शुरू होता है भले ही हम इसके जानकार हों या नहीं हों। मैथ्स विभाग की अध्यक्ष मीनू नैन ने इस दिन के महत्व को सबके सामने रखा। उन्होंने श्रीनिवास रामानुजन के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को सबके सामने रखा। मैथ्स विभाग की अतिथि शिक्षक सिमरन ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि भारत में गणित की परम्परा हमेशा से रही है।आर्यभट्ट से लेकर रामानुजन तक हम गणित में हमेशा आगे रहे।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में विद्यार्थियों ने मैथ्स से जुड़ी एक छोटी सी नाट्य प्रस्तुति दी। एम.सी ए. के विद्यार्थी आशीष ने मैथ्स दिवस पर रामानुजन पर भाषण दिया। जिसमें उनके जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि अन्य विषयों में इनकी रुचि कम थी वह मैथ्स में तेज थे। कैंपस के प्रो वीसी डॉ पवन त्रिपाठी ने कहा कि मैथ्स अक्सर लोगों को कठिन लगता लेकिन हमें विषय से डरना नहीं सीखना है। रामानुजन कम संसाधनों और विषम आर्थिक स्थितियों के बाद भी हमें बहुत कुछ सीखा गए, हम सबको उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेनी चाहिए। कुलसचिव एम.आई. हाशमी ने कहा कि यह वही विषय है जिसने मुझे फेलियर भी दिखाया है लेकिन इससे प्रेरणा लेने की जरूरत है। यह ऐसा विषय है जिसके बिना कुछ भी संभव नहीं है, यह हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग है। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ.अरविंद, डॉ. सुनील, डॉ. प्रभात, डॉ. शर्मीला ने मैथ्स से जुड़े अपने जीवन के अनुभवों को सभी से साझा किया। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष मीनू नैन द्वारा किया गया।
