भीम प्रज्ञा न्यूज़.भरतपुर। राजस्थान राज्य ओबीसी (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग द्वारा मंगलवार को भरतपुर नगर निगम सभागार में भरतपुर संभाग की एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संभाग के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने आयोग के समक्ष ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
आयोग के पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष मदन लाल भाटी ने की। इस दौरान आयोग के सदस्य पवन सैनी मावडिया, पूर्व राज्य मंत्री एवं सदस्य मोहन मोरवाल, और सदस्य एडवोकेट गोपाल कृष्ण शर्मा भी प्रमुखता से उपस्थित रहे। परिचर्चा के दौरान, भरतपुर संभाग के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संगठनों और आमजन ने ओबीसी वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के संबंध में आयोग को बहुमूल्य सुझाव दिए।
इस परिचर्चा में कई प्रमुख हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें पूर्व सांसद रामस्वरूप कोली, भरतपुर भाजपा की जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा, करौली भाजपा के जिलाध्यक्ष गौरधन सिंह जादौन, धौलपुर भाजपा के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह राजावत, भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री अरविन्दपाल चौधरी, भरतपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष रूपेन्द्र सिंह, भरतपुर के पूर्व डिप्टी मेयर इन्द्रपाल सिंह, पूर्व पार्षद रामेश्वर सैनी और गिरधारी तिवाड़ी, धौलपुर के पूर्व जिला परिषद सदस्य भाताराम बघेल, सुनारी के सरपंच जैत्रसिंह फौजदार, तौहिया के सरपंच प्रेम सिंह, कामरेड कानसिंह, गंगापुर पंचायत समिति की प्रधान मंजू गुर्जर, भाजपा भरतपुर के जिला उपाध्यक्ष उदयसिंह गुर्जर, पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष भरतपुर महेश कुमार सैन, सरपंच बेर भाग्यश्री मीना, और अन्य गणमान्य नागरिक जैसे लक्ष्मण सिंह सैन भी शामिल रहे।
आयोग ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि इन पर विचार कर जल्द ही ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की दिशा में आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
