भीम प्रज्ञा न्यूज़.चिडावा।
वार्ड 38 में पेयजल के गंभीर संकट को लेकर निवासियों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार लगातार पाँचवें दिन भी जारी रहा। ग्रामवासियों ने आरोप लगाया कि एक स्वीकृत बोरवेल को निजी प्रॉपर्टी डीलर के फायदे के लिए आबादी क्षेत्र से हटाकर खाली प्लॉटिंग क्षेत्र में स्थापित करवा दिया गया है, जहाँ कोई बस्ती नहीं है। धरने पर बैठे निवासियों ने आरोप लगाया कि बोरवेल को जानबूझकर ऐसे स्थान पर ले जाया गया है जिससे प्रॉपर्टी डीलर को उसकी प्लॉटिंग में लाभ मिल सके। उनका कहना है कि स्वीकृत स्थान पर बोरवेल न होने के कारण पूरे वार्ड की जनता पानी के गंभीर संकट से जूझ रही है। नागरिकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, उनका यह धरना जारी रहेगा।
धरनार्थियों की तीन प्रमुख माँगे
वार्ड 38 के निवासियों ने प्रशासन के सामने तीन कठोर माँगे रखी हैं कि बोरवेल स्थानांतरण की उच्च स्तरीय जाँच की जाए, बोरवेल को तत्काल उसके स्वीकृत मूल स्थान पर स्थापित करने की कार्रवाई हो, और इस अनियमितता के लिए संबंधित अधिकारियों और व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। धरनार्थियों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए आज SDM से मुलाकात करेंगे और उन्हें अपनी माँगे तथा बोरवेल स्थानांतरण की जाँच के संबंध में ज्ञापन सौंपेंगे।
ये लोग रहे उपस्थित
धरने में मुख्य रूप से मंगेश भगत, विजेंद्र कुमावत, सुरेश बरवड़, पुरुषोत्तम भगत, मुकेश कुमावत, दीपक चेजारा, विशाल वर्मा, संदीप कुमावत, अंकित बाड़ेटीयां, प्रदीप बाडेटीया उपस्थित रहे। महिलाओं में गोदावरी, संतोष, सावित्री, लीलादेवी, मंजू, सुमन, साभो, कृष्ना, चंपादेवी, राजबाला, रेखादेवी, सुलोचना, और विमला ने भी बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
