-नगर शोभायात्रा में उमड़ी श्रद्धा और उत्साह की अपार भीड़
-पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने गीता पूजन कर झंडी दिखा कर नगर शोभायात्रा का किया शुभारंभ
-शोभायात्रा पर जगह-जगह पुष्प वर्षा, झांकियों और बैंड-बाजों ने मोहा मन
रजत विजय रंगा
भीम प्रज्ञा न्यूज़.फतेहाबाद। जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव के समापन अवसर पर सोमवार को फतेहाबाद शहर अध्यात्म, श्रद्धा और भारतीय संस्कृति की उज्ज्वल धारा में सराबोर हो उठा। पूरे नगर में भव्यता और आध्यात्मिक उल्लास से परिपूर्ण श्रीमद्भगवद्गीता की विशाल नगर शोभायात्रा निकाली गई, जिसने प्रत्येक मार्ग को गीता-नाद से गुंजायमान कर दिया। पंचायत भवन से आरंभ हुई शोभायात्रा का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल व विशिष्ट अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष प्रवीण जोड़ा ने गीता पूजन कर किया। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई यह भव्य यात्रा पुन: पंचायत भवन पहुंचकर संपन्न हुई।
निराशा से आशा की ओर ले जाती है गीता- सुनीता दुग्गल
पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का संपूर्ण मार्गदर्शन है। गीता मनुष्य को कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने, विवेकपूर्ण निर्णय लेने और अपने कर्तव्य के प्रति अडिग रहने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का वर्तमान और भविष्य उसके कर्मों से तय होता है। इसलिए निराशा, भय या भ्रम में पडऩे के बजाय हमें अपने लक्ष्य की ओर समर्पित भाव से प्रयासरत रहना चाहिए।पूर्व सांसद ने कहा कि गीता का प्रत्येक अध्याय जीवन की किसी न किसी समस्या का समाधान प्रस्तुत करता है। यदि कोई व्यक्ति गीता के मूल संदेश कर्म, ज्ञान और भक्ति को समझ लेता है, तो उसका जीवन स्वत: ही सुंदर, संयमित और सफल बन जाता है। सुनीता दुग्गल ने कहा कि गीता हमें न केवल अच्छे कर्म करने का संदेश देती है बल्कि सही समय पर साहसिक निर्णय लेने की भी प्रेरणा देती है। यह ग्रंथ निराश मनुष्य को उठाकर आशा और उत्साह की नई दिशा देता है। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि गीता जीवन का मार्गदर्शन करती है तथा निराशा से आशा की ओर बढऩे की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि यदि मनचाहे परिणाम न मिलें तो हताश होने की आवश्यकता नहीं, क्योंकि कर्म करना मनुष्य के हाथ में है, परिणाम नहीं। उन्होंने कहा कि गीता का एक-एक श्लोक जीवन को नई दिशा देता है। शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को मेडिटेशन और मनोनिग्रह का अभ्यास अवश्य करना चाहिए। आज से ढाई हजार वर्ष पूर्व भी गीता में मन की एकाग्रता और ध्यान के महत्व को सर्वोपरि बताया गया है।
शोभायात्रा में भव्य झांकियां बनी
शोभायात्रा में घोड़ा बग्गी में विराजमान श्रीमद्भगवद्गीता की पालकी सबसे आगे चल रही थी। इसके साथ राधा-कृष्ण, कृष्ण-अर्जुन संवाद, पांडव सेना सहित विभिन्न पौराणिक दृश्यों की आकर्षक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। स्कूली बच्चों द्वारा श्लोक-उच्चारण करती झांकी और नगाड़ा-बीन ढफली पार्टियों की ताल पर उत्साह से नाचते कलाकार शोभायात्रा के मुख्य आकर्षण रहे।
यात्रा का शहरभर में गुरुद्वारा सिंह सभा, जूना अखाड़ा, अग्रवाल सभा, जिओ गीता, रोड सेफ्टी संगठन, रामधनी सामाजिक कल्याण ट्रस्ट, अरोड़वंश महासभा, पंचनद सेवा ट्रस्ट सहित अनेक धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने पुष्प वर्षा कर गर्मजोशी से स्वागत किया।
अधिकारियों व गणमान्यों की रही
इस अवसर पर नगराधीश गौरव गुप्ता, उपनिदेशक अमित पंवार, डीईओ संगीता बिश्नोई, डीएचओ डॉ. श्रवण कुमार, भट्टू मार्केट कमेटी चेयरमैन प्रदीप मांडन, जिओ गीता से दीपक सरदाना, नरेंद्र मोंगा, फतेहाबाद मार्केट कमेटी वाइस चेयरमैन इंद्र गावड़ी, विकास ललौदा, विकास शर्मा, सुमन बजाज, जगदीश शर्मा, संदीप भोडिय़ा, विजय जांगड़ा, रमेश जोइया, राम कुमार मेहरा, नरेश सरदाना, मंजू बाजीगर, भूप सिंह, सुभाष चंदोरा सहित बड़ी संख्या में सम्मानित नागरिक, समाजसेवी, युवा व महिलाएं उपस्थित रहीं।
