जिला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: रोहतक का कुख्यात शूटर ‘अक्षय पंडित’ और स्थानीय बदमाश ‘सचिन उर्फ कालू’ दबोचे गए
भीम प्रज्ञा न्यूज़.पिलानी। पिलानी क्षेत्र के लिखवा गांव स्थित शराब ठेके पर बीते दिनों हुई फायरिंग की सनसनीखेज वारदात का जिला पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने लगभग 750 किलोमीटर पीछा करने और गहन तकनीकी विश्लेषण के बाद 25-25 हजार रुपये के इनामी दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रोहतक (हरियाणा) निवासी अक्षय पंडित उर्फ माकड़ (27) और लिखवा निवासी सचिन मेघवाल उर्फ कालू (24) के रूप में हुई है। अक्षय पंडित हरियाणा में भी शराब ठेकों पर फायरिंग और रंगदारी के कई मामलों में वांछित था। जिला पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय IPS के निर्देशन में, एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत और चिड़ावा वृताधिकारी विकास धींघरवाल के सुपरविजन में गठित 10 से अधिक विशेष टीमों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। वारदात के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमों ने राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम में लगातार दबिशें दीं। पुलिस ने इस दौरान 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और 200 से अधिक कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का गहन विश्लेषण किया।आखिरकार, तकनीकी व मानव आसूचना के आधार पर कुख्यात शूटर अक्षय पंडित को बुवानी खेड़ा (हरियाणा) में मोसी के बेटे के खेत में बने मकान से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने सचिन उर्फ कालू को भी पाथड़िया रोड स्थित पहाड़ी क्षेत्र से भागते समय पीछा कर पकड़ लिया।
दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलने की थी साजिश
थाना पिलानी के थानाधिकारी चंद्रभान के नेतृत्व वाली टीम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने 21 नवंबर 2025 की शाम करीब 7.30 बजे लिखवा के शराब ठेके पर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया था। मोटरसाइकिल पर आए सचिन उर्फ कालू और उसके साथी ने सेल्समैन को पहले एक धमकी भरा कागज़ थमाया, जिसमें ठेके में हिस्सेदारी व मासिक रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी लिखी थी। इसके बाद ठेके के अंदर शराब की बोतलों पर फायरिंग की और खुले मैदान में चार हवाई फायर करके दहशत फैलाई थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हरियाणा में रंगदारी के मामलों में फरार चल रहे मुख्य आरोपी अक्षय पंडित ने पिलानी क्षेत्र में स्थानीय युवकों की एक गैंग बनाकर शराब ठेकों से रंगदारी वसूलने की योजना बनाई थी। इसी योजना के तहत दहशत फैलाने के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया गया था। अक्षय पंडित के खिलाफ भिवानी और रोहतक में आर्म्स एक्ट व रंगदारी के कई मामले दर्ज हैं, और वह थाना महम के एक केस में भी फरार चल रहा था। वहीं, सचिन मेघवाल के खिलाफ पिलानी थाने में चोरी एवं नकबजनी के दो प्रकरण पहले से दर्ज हैं। इस मामले में पुलिस पहले ही हिमांशु जाट और पंकज उर्फ टोनी को गिरफ्तार कर चुकी है।
संगठित अपराध को कुचला जाएगा
पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है तथा गिरोह के अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में संगठित अपराध और रंगदारी की हर कोशिश को सख्ती से कुचला जाएगा।
