भीम प्रज्ञा न्यूज़ खेतड़ी।
खेतड़ी क्षेत्र में शिक्षा को नई दिशा देने वाले पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एवं आईईएस डॉ. बी.एल. मेहरड़ा की छठी पुण्यतिथि के अवसर पर 5 दिसंबर को राजोता स्थित डॉ. बी.एल. मेहरड़ा स्मारक स्थल पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
समारोह में साहित्य, शिक्षा और प्रशासन—तीनों की समन्वित झलक दिखाई दी। मंच पर प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्यकार एवं राष्ट्रीय कवि संपत सरल तथा वीर रस के प्रख्यात कवि अशोक चारण ने अपने ओजस्वी काव्य पाठ से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों कवियों ने सामाजिक विसंगतियों, सरकारी व्यवस्थाओं की कमियों, देशभक्ति और समसामयिक मुद्दों पर प्रभावशाली व्यंग्य और तंज कसते हुए दर्शकों को बार-बार तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अमेरिका की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रोफेशनल डॉ. संजीवनी मेहरड़ा ने की। उन्होंने कहा कि उनके पिता डॉ. बी.एल. मेहरड़ा न केवल खेतड़ी क्षेत्र में शिक्षा के अग्रदूत थे, बल्कि उन्होंने बालिका शिक्षा को नई दिशा देने का ऐतिहासिक कार्य किया। खेतड़ी में प्रथम महिला शिक्षा संस्थान की स्थापना कर उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की नई क्रांति लाई।
डॉ. संजीवनी ने बताया कि वे अपने पिता के अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार उनके पिता ने “संजीवनी फार्मेसी कॉलेज” की नींव उनके नाम पर रखकर शिक्षा का विस्तार किया, उसी प्रकार वे जल्द ही खेतड़ी में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए प्रयासरत रहेंगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खेतड़ी डीएसपी जुल्फिकार अली रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में खेतड़ी विकास समिति के अध्यक्ष विनोद रानी मेहड़ा, तहसीलदार सुनील मील, नीमकाथाना एडीएम के निजी सहायक पिंटू कुमार, संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. अमित मेहरड़ा, समिति सदस्य तेजस मेहरड़ा, गोकलचंद सैनी तथा श्रवणदत्त नारनोलिया मौजूद रहे।
मंचासीन अतिथियों ने डॉ. मेहरड़ा के शिक्षा, प्रशासनिक सेवा और सामाजिक सुधारों में योगदान को याद करते हुए उन्हें भारत भूमि का गौरव बताया। इस मौके पर पूर्व लोकपाल महावीर प्रसाद तोगड़िया, ईश्वर सिंह मेघवाल गोठड़ा, नगर मंडी ढीकवाल, प्रोफेसर जगबीरराम, पार्षद हरमेंद्र चनानिया, गोकुलचंद बेरवाल, डॉ छजुराम मेहरड़ा सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे
कार्यक्रम के दौरान कवि संपत सरल ने अपने अनूठे अंदाज में देश और समाज की गम्भीर समस्याओं पर प्रहार करते हुए कहा कि साहित्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि परिवर्तन की शक्ति है। वहीं कवि अशोक चारण ने वीर रस की गूंज से माहौल को रोमांचित कर दिया और तिरंगे की शान में ओजस्वी कविताओं का पाठ किया।
कार्यक्रम का संचालन मोहित सक्सेना ने प्रभावी अंदाज में किया। उन्होंने डॉ. बी.एल. मेहरड़ा के जीवन दर्शन, उनके प्रशासनिक सेवाकाल, शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय योगदान तथा 24 से अधिक शिक्षण संस्थाओं में उनके संयुक्त संचालक के रूप में निभाई गई भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला।
समारोह के अंत में बड़ी संख्या में उपस्थित शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, सामाजिक नेताओं और ग्रामीणों ने डॉ. बी.एल. मेहरड़ा के शिक्षा क्षेत्र में किए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। खेतड़ी क्षेत्र में उनके कार्य आज भी प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
