भीम प्रज्ञा न्यूज़.लक्ष्मणगढ़।
लक्ष्मणगढ़ नगर को रावराजा लक्ष्मणसिंहजी ने विक्रम संवत 1862 में बसाया था। बुधवार को लक्ष्मणगढ़ नगर 220 साल का हो गया है। नगर की सामाजिक संस्था लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट एवं रावराजा लक्ष्मणसिंह स्मृति संस्थान ने 220वें स्थापना दिवस पर दीपोत्सव कर आतिशबाजी के साथ मनाया गया। दीपोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीरघुनाथजी मंदिर के महंत अशोक दास महाराज ने मंदिर परिसर में दीपोत्सव करके किया। महंत अशोक दास महाराज ने कहा कि राम-जानकी विवाह की वर्ष गांठ के शुभ अवसर पर विक्रम संवत 1862 मार्गशीर्ष सुदी पंचमी को लक्ष्मणगढ़ नगर की स्थापना की गई थी। साथ ही नगर के अराध्य देव श्रीरघुनाथजी के बड़े मंदिर की नींव रखी गई थी। रावराजा लक्ष्मणसिंह स्मृति संस्थान के संयोजक रतनसिंह बगड़ी एवं लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट के संरक्षक प्रकाश पासोरिया ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ नगर को महानगर जयपुर के मानचित्र पर बसाया गया था। नगर की स्थापना पर दीपोत्सव व आतिशबाजी का आयोजन किया गया। इस मौके पर लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट के संरक्षक प्रकाश पासोरिया, गिरधारी लाल जाजोदिया, सुभाष जोशी, प्रभारी राजेंद्र कुमार शर्मा, दिव्यांग प्रकोष्ठ प्रभारी कमल कुमावत, सुनील कुमार माली, रमेश छिंछासवाले, अमित सोनी, लोकित दईया, विवेक तंवर, रावराजा लक्ष्मणसिंह स्मृति संस्थान के संयोजक रतन सिंह बगड़ी, विनोद गोंड, सुरेश बीबीपुरीया, पंडित विमल जोशी, रियांश जाजोदिया हित प्रबुद्ध जन मौजूद थे।
