नोबल शिक्षण समूह के संस्थापक शेर सिंह नेहरा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए परिवारजन
नोबल शिक्षण संस्थान देवलावास में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक दर्शन पर हुआ विचार मंथन
भीम प्रज्ञा न्यूज़.बुहाना।
देवलावास गांव स्थित नोबल शिक्षण संस्थान के एसएस नेहरा स्मृति मंच पर शनिवार को नोबल एजुकेशन ग्रुप के संस्थापक एवं पूर्व लोक जनसंपर्क अधिकारी स्वर्गीय शेर सिंह नेहरा की चतुर्थ पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों, नेहरा परिवार एवं नोबल परिवार के सदस्यों द्वारा स्वर्गीय शेर सिंह नेहरा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नागरिक रामकुमार यादव ने की। मुख्य अतिथि के रूप में दैनिक भीम प्रज्ञा के संपादक एडवोकेट हरेश पंवार उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य करण सिंह नेहरा, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य बलवीर सिंह नेहरा, नोबल एजुकेशन ग्रुप की संरक्षक संतोष देवी, निदेशक इंजीनियर संदीप नेहरा, नोबल एकेडमी पचेरी के निदेशक डॉ. मानसिंह चौधरी, एकेडमिक डायरेक्टर सुमन नेहरा, डिप्टी डायरेक्टर अशोक शर्मा, मांगीलाल मिस्त्री, ओमप्रकाश फौजी, लीलाधर लांबा, एडमिनिस्ट्रेशन डायरेक्टर शिवम नेहरा, व्याख्याता अर्चना, रीताशा व शिवानी तथा प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार यादव मनोनीत अतिथि रहें।

इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थी एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक, वैचारिक एवं सारगर्भित कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। बच्चों की रचनात्मक प्रस्तुतियों के साथ विचारोत्तेजक कार्यक्रम लगभग चार घंटे से अधिक समय तक चला। मुख्य अतिथि एडवोकेट हरेश पंवार ने अपने संबोधन में स्वर्गीय शेर सिंह नेहरा के सामाजिक दर्शन, शिक्षा नीति और क्षेत्र की उन्नति में नोबल शिक्षण संस्थान की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षक केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज में जहां भी वह उपस्थित होता है, वहीं से शिक्षण और संस्कार का कार्य प्रारंभ हो जाता है। उन्होंने शेर सिंह नेहरा को सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन और यह स्मृति स्थल आज भी समाज को शिक्षा और संस्कार का पाठ पढ़ा रहा है।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए नोबल एजुकेशन ग्रुप के प्रबंध निदेशक इंजीनियर संदीप नेहरा ने अपने पिता के प्रति भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव विकसित करते हैं। केवल पाठ्यपुस्तकों से अंक तो मिल सकते हैं, लेकिन ऐसे आयोजनों से जो संस्कार मिलते हैं, वही परिवार, समाज और राष्ट्र की सुदृढ़ नींव रखते हैं। उन्होंने संयुक्त परिवार की परंपरा और आपसी संवाद के महत्व पर भी बल दिया।
विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य बलवीर सिंह नेहरा ने कहा कि आज समाज को संस्कारित शिक्षा और व्यवहारिक ज्ञान की अत्यंत आवश्यकता है। केवल भौतिक सफलता की दौड़ में बच्चों को प्रकृति, मिट्टी और संघर्ष से जोड़ना जरूरी है, क्योंकि जो मिट्टी से जुड़ा होता है वही जीवन के मूल्यों को समझ सकता है।

डिप्टी डायरेक्टर अशोक शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय शेर सिंह नेहरा दूरदर्शी सोच के व्यक्तित्व थे, जिन्होंने क्षेत्र में शिक्षा के माध्यम से विकास की मजबूत नींव रखी। उनकी नोबल विचारधारा आज भी विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान वर्षभर उत्कृष्ट कार्य करने वाले नोबल ग्रुप के कार्मिकों, शिक्षकों एवं प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए ऑल ओवर एक्टिविटीज में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को बेस्ट स्टूडेंट पुरस्कार एवं मेडल प्रदान किए गए। श्रेष्ठ शिक्षक को चेक भेंटकर सम्मानित किया गया, साथ ही सांस्कृतिक एवं वैचारिक प्रस्तुतियों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नोबल शिक्षण संस्थान परिवार ने संस्थापक शेर सिंह नेहरा की पुण्यतिथि को सामाजिक अध्ययन दिवस के रूप में मनाते हुए उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
