भीम प्रज्ञा व्यक्तित्व परिचय@ दिलीप शर्मा।
सूरजगढ़ के भाजपा नेता सेवाराम गुप्ता अपनी कुशल प्रशासनिक क्षमता, नवाचारपूर्ण सोच और जनहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण सार्वजनिक जीवन में एक सशक्त, ईमानदार और परिणामोन्मुख जननेता के रूप में पहचाने जाते हैं। बीते लगभग पाँच दशकों से वे राजनीति के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय भूमिका निभाते आ रहें हैं।
सेवा और सामाजिक दायित्व की परंपरा
सेवाराम गुप्ता सेवा की उस परंपरा के प्रतिनिधि हैं, जिसकी नींव सेठ डूंगरमल द्वारा दान, त्याग और समाजहित के कार्यों से रखी गई थी। वे उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए अंत्योदय की भावना से प्रेरित होकर समाज के जरूरतमंद, कमजोर और वंचित वर्ग के आर्थिक-सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर समर्पित रहते हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहयोग
विद्यार्थियों की शिक्षा, दिव्यांगजनों की सहायता, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और गरीब परिवारों की मदद जैसे विषयों पर उनकी सक्रिय भागीदारी वर्षों से सूरजगढ़ की जनता देख रही है। बृजलाल पालीराम विद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों के कार्यों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
विकास की मजबूत आवाज
सेवाराम गुप्ता ने सूरजगढ़ के विकास को अपना ध्येय मानते हुए स्थानीय मुद्दों को जयपुर से लेकर दिल्ली तक प्रभावी ढंग से उठाया। उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, सड़क व परिवहन व्यवस्था और विद्युत आपूर्ति जैसे आधारभूत क्षेत्रों में सूरजगढ़ ने बीते वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अनेक जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ।
गौ सेवा और पर्यावरण संरक्षण
सूरजगढ़ क्षेत्र में वर्षों से उनके सहयोग से गौ सेवा के अंतर्गत बेसहारा और घायल पशुओं का उपचार किया जा रहा है। गौशालाओं और सेवा संस्थाओं को आर्थिक सहयोग देकर उन्होंने इस नेक पहल को मजबूती प्रदान की है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है, जहां वृक्षारोपण और हरियाली बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।
पारिवारिक सहयोग और प्रेरणा
सार्वजनिक जीवन में उन्हें धर्मपत्नी पुष्पा गुप्ता का निरंतर सहयोग मिला, जिन्होंने सूरजगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यकाल पूरा किया। सेवाराम गुप्ता अपने पिता से मिली प्रेरणा और पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत को आदर्श मानते हुए ‘गरीब को गणेश’ समझकर कार्य करने की सोच रखते हैं।
व्यक्तित्व का काव्यात्मक चित्रण
युवा कवि सुरेश सनातनी की पंक्तियाँ उनके व्यक्तित्व को सार्थक रूप में प्रस्तुत करती हैं—
सेवाराम मूरत, सेवा की ही मान।
समाज चिंतन में दिया, सारा जीवन जान।।
लोक कल्याण के भानु, आभा चारों ओर।
नूतन भोर का संदेश, बने जनहित की डोर।।
जनता के विश्वास का प्रतीक
सेवाराम गुप्ता आज सूरजगढ़ में विकास, सेवा और विश्वास का प्रतीक बन चुके हैं। उनका सार्वजनिक जीवन इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ संकल्प, ईमानदारी और सेवा भावना से क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है। सूरजगढ़ की जनता उन्हें एक ऐसे जननेता के रूप में देखती है, जो शब्दों से अधिक कार्यों पर विश्वास रखता है।

